भाजपा सरकार बनते ही भाजपाइयों की अंदरूनी टशन खुलकर सामने आ गई है। इसकी तस्वीर कौशाम्बी महोत्सव में दिखी। सांसद विनोद सोनकर महोत्सव के अगुवा थे। इस जिलास्तरीय कार्यक्रम से चायल विधायक संजय गुप्ता व सिराथू विधायक शीतला प्रसाद ने दूरी बना रखी थी। दो विधायकों के अलावा जिलाध्यक्ष ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। दोनों विधायकों को डिप्टी सीएम का करीबी कहा जाता है। इस कार्यक्रम में वही भाजपाई दिखे, जो सांसद के खास थे। कौशाम्बी महोत्सव से इनकी गैरहाजिरी को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं पार्टी के भीतर व बाहर शुरू हो गई हैं।
जिले में भाजपा दो खेमों में बंट गई है। एक खेमा डिप्टी सीएम का है, तो दूसरा खेमा सांसद विनोद सोनकर का। यह गुटबाजी सरकार बनने से पहले तक पर्दे के पीछे थी, लेकिन अब खुलकर लोग सामने आ गई है। जिले के स्थापना दिवस के मौके पर सांसद विनोद सोनकर ने कौशाम्बी महोत्सव का आयोजन कराया। इसमें भाजपा के सभी नेता आमंत्रित थे। चायल विधायक संजय गुप्ता व सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल उर्फ पप्पू पटेल भी बुलाए गए थे। कौशाम्बी महोत्सव का आगाज शानदार रहा। जिले के मेधावी सम्मानित होकर गदगद रहे तो प्रतिभाओं को अपना जलवा दिखाने का एक नया मंच भी मिला।
इसकी सराहना भी हुई। महोत्सव खत्म होते ही एक नई बहस जरूर शुरू हो गई। लोगों का यही सवाल है कि जिले के स्थापना दिवस के मौके से चायल विधायक संजय गुप्ता और सिराथू विधायक शीतला प्रसाद क्यों गायब थे? आखिर क्या कारण था कि वह इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बने। विधायकों की अनुपस्थिति पर चर्चा कम, जिलाध्यक्ष रमेश पासी की गैरहाजिरी ज्यादा ही बहस का मुद्दा बनी है। इन नेताओं को भाजपा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का करीबी कहा जाता है। संजय गुप्ता व शीतला प्रसाद पटेल उनके बेहद खास लोगों में शामिल हैं। शीतला प्रसाद लखनऊ में थे, लेकिन संजय गुप्ता जिलाध्यक्ष रमेश पासी के साथ चायल विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण करते रहे, लेकिन वह नहीं आए। इनके न आने की वजहों को लेकर तमाम तरह की चर्चाओं ने भाजपा के कार्यकर्ताओं की चिंता भी बढ़ा दी है। सरकार बनते ही शुरू हुई खेमेबाजी को भाजपा के शुभचिंतक अशुभ मान रहे हैं।
कौशाम्बी महोत्सव सराहनीय कार्यक्रम था। संगठन को तरजीह नहीं मिली, इसलिए वह भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। प्रदेश कार्य समिति का सदस्य होने के कारण संगठन की अनदेखी पर मैने कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला लिया।
संजय गुप्ता, विधायक चायल
महोत्सव में पूरा कौशाम्बी आमंत्रित था, मुझको भी आमंत्रण मिला था। मैं लखनऊ में था, इसलिए कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सका। कार्यक्रम में शामिल न होने की कोई दूसरी वजह नहीं है। आपस में काई मतभेद नहीं है।
शीतला प्रसाद पटेल-विधायक (सिराथू)
नहीं आए मनोज तिवारी और रवि किशन
कौशाम्बी महोत्सव में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) प्रोफेसर रतन लाल हांगलू को ऐन वक्त कार्यक्रम में आने से रोका गया। वह चार अप्रैल को उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि थे। इनके अलावा सांसद मनोज तिवारी ‘मृदुल’ और भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन ने भी ऐन वक्त पर कार्यक्रम निरस्त किया। इन चर्चित हस्तियों के न आने की वजहों से कार्यक्रम में असहजता भी दिखी।