प्रयागराज में होने वाली जन संगम रैली को लेकर भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोआबा से पचास हजार लोगों को ले जाने का दम भर रहे हैं, मगर इसमें भाजपाइयों को कितनी सफलता मिलेगी इसे लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जबकि भाजपाइयों के पास अपने खाते में जनहित का एक भी ऐसा काम नहीं है। जिसके भरोसे पचास हजार की भीड़ जुट सके।
भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इलाहाबाद में होने वाली जनसंगम रैली में भीड़ जुटाने को लेकर दिन रात पसीना बहा रहे हैं। जिलाध्यक्ष रमेश पासी की मानें तो रैली में दोआबा से पचास हजार लोगों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी जिम्मेदारी बूथ, सेक्टर स्तर के पदाधिकारियों को सौंपी गई है। रैली में भीड़ जुटाने को लेकर भाजपा पदाधिकारियों की कवायद देख दोआबा की जनता, किसानों, पेयजल और सूखे के संकट से जूझ रहे लोगों के बीच एक सवाल तैरने लगा है।
लोगों का कहना है कि ओलावृष्टि के बाद फसल की बर्बादी, सूखे, पेयजल, बिजली और सूखी नहरों को लेकर भाजपा नेताओं ने पूरे दो साल में एक बार भी आंदोलन नहीं किया। किसानों को मुआवजे का चेक दिलाने के लिए कभी आवाज नहीं उठाई। भाजपा सांसद तो चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच से ही गायब रहे। ऐसे में जनसंगम रैली में दोआबा से पचास हजार की भीड़ पहुंचने से पहले ही प्रश्न चिन्ह खड़ा नजर आ रहा है।
जिले की जनसभा में नहीं जुट सकी पचास हजार की भीड़
दोआबा में अब तक बसपा, सपा, भाजपा, कांग्रेस आदि प्रमुख राजनीतिक दलों की कई रैली और जनसभाएं हो चुकी हैं। किसी भी राजनीतिक दल का मुखिया इतना लोकप्रिय साबित नहीं हो सका कि उसकी जनसभा और रैली में जिले की पचास हजार जनता पहुंच सकी हो। इसमें भरवारी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा, मंझनपुर की मुलामय सिंह और मायावती की जनसभा, ओसा मंडी में मुख्यमंत्री अखिलेश की जनसभा और करारी रिजवी कालेज में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभाएं शामिल हैं। ऐसे में गैर जनपद में दोआबा से पचास हजार की भीड़ कहां से पहुंचेगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
मुआवजे की रकम से वंचित हैं दो तिहाई किसान
मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा में बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से पिछले साल 90 फीसदी किसानों की फसल खेत में ही बर्बाद हो गई थी। इस बर्बादी को देख केंद्र की भाजपा सरकार ने सहायता राशि देने का एलान किया था। एक साल से अधिक का समय बीतने के बाद दो तिहाई किसानों तक सहायता राशि का चेक नहीं पहुंच सका। ऐसे में दोआबा का किसान प्रधानमंत्री की रैली में जाना चाहेगा ये बड़ा सवाल है।
पेयजल संकट से जूझ रहे दोआबा के बाशिंदे
दोआबा के छह ब्लॉक पिछले चार साल से डार्क जोन में हैं। इन ब्लॉक क्षेत्रों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप हजारों की संख्या में खराब हैं। आज तक इन हैंडपंपों के रिबोर के लिए न तो प्रदेश सरकार और न ही केंद्र सरकार ने ध्यान दिया। इससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में वह भाजपा कार्यकर्ताओं की बातों में आकर क्या रैली में शामिल होने जाएंगे इसे लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जनसंगम रैली भारत के चहेते प्रधानमंत्री का कार्यक्रम है। उनके नाम से दोआबा की पचास हजार जनता पहुंचने का काम करेगी। इसके लिए गांव और चौराहों पर बस का पुख्ता इंतजाम रैली वाले दिन कराया जाएगा।
उत्तर मौर्य, रैली प्रभारी कौशाम्बी