मंझनपुर/सिराथू। 1996 के चुनाव में दोआबा में जबर्दस्त सियासी संग्राम देखने को मिला था। अब तक हुए चुनावों में सर्वाधिक 24 उम्मीदवार मैदान में थे। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. अमृतलाल भारती ने ऐतिहासिक विजय हासिल कर दोआबा की धरती में पहली बार कमल का फूल खिलाने का काम किया था।
1996 में हुए 11 वीं लोक सभा चुनाव के दौरान दोआबा का सियासी महौल काफी बदल चुका था। जनता का मोह कांग्रेस और जद से टूट चुका था। चुनाव में भाजपा की चली आंधी ने विरोधियाें के अरमान पर पानी फेर दिया। जनता ने पुराने चेहरों को दरकिनार कर नए चेहरे के साथ नए दल भाजपा के साथ जाना अधिक पंसद किया। दोआबा में बदलाव की ऐसी बयार चली कि अमृत लाल भारती कमल का फूल खिलाने में कामयाब रहे। उन्होंने चुनाव में 131839 मत पाकर जीत दर्ज कराई। सपा के सुरेश पासी 100260 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। जद छोड़ बसपा के हाथी पर सवार हुए शशि प्रकाश को जनता ने99847 मत देकर तीसरे स्थान पर रखा। कांग्रेस के पुरूषोत्तम लाल 9864 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे।
इसी क्रम में निर्दल लाखन राज पासी को 6340, मन्नी लाल को 2940, लखन लाल को 4249, नारायन देव को 1880,विंदेश्वरी प्रसाद को 1748,प्रमोद कुमार को 1562,चौधरी महेंद्र सिंह को 1427, तुलसी दास को 1395,मुन्नी लाल को 1270,राम प्रताप को 1080, महेश चंद्र सोनकर को 957, कामता प्रसाद को 759, चंद्र प्रकाश को 689, विजय कुमार को 571, लवकुश को 550, दशरथ लाल को 531, राम कुमार को 484, चंद्रबली को 371,राम शिरोमणी को 331 और मोती लाल भारती को 223 वोट मिले।
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष ने स्थानीय पार्टी नेताओं ने सैनी कालेज के मैदान में चुनावी सभा कराई थी। ताकि, पार्टी प्रत्याशी की स्थिति मजबूत हो सके। उस वक्त कार से आए लालकृष्ण आडवाणी को देखने के लिए जनता में बड़ा क्रेज था। उन्होंने अपने प्रभावशाली संबोधन के जरिए जनता से सीधा संवाद स्थापित कर दिल जीत लिया था।