नगर पंचायत भरवारी का भी बुरा हाल था, लेकिन बदतर स्थिति सीमा विस्तार में शामिल हुए गांवों की थी। पालिका परिषद से जुड़े गांवों की सच्चाई चौंकाने वाली है। कहीं खंभे हैं तो बिजली नहीं , कहीं सड़क है तो नाली नहीं। जलभराव की समस्या इस बारिश में जान पर आफत बनी हुई है। भरवारी नगर पालिका से जुड़ने की जैसे ही खबर ग्रामीणों को हुई तो उनका भी उत्साह दोगुना हो गया। कस्बावासियों के साथ ही ग्रामीण भी सरकार के इस फैसले से गदगद हैं।
भरवारी नगर पंचायत से मात्र तीन किमी दूर परसरा व चंदूपुर गांव है। परसरा की हालत ऐसी है कि जिधर भी नजर जाती है, वही पानी दिखता है। गांव के बड़ी मुश्किल से आवागमन खंड़जा मार्ग से करते हैं। तालाब के किनारे रहने वालों की जिदंगी हर वक्त खतरे में रहती है। बगल में स्थित चंदूपुर गांव की स्थिति इससे भी बदतर है। मुख्य मार्ग किनारे होने के बाद भी यहां बिजली नहीं है। ये बात दूसरी है कि खंभे जरूर गड़े हैं। भरवारी नगर पंचायत के नाम से आया पीएचसी यहीं बना है, लेकिन यह इतनी दूर है कि यहां मरीज नहीं आते हैं। अस्पताल के परिसर में फिलहाल जलभराव है। चंदूपुर गांव की गलियां भी जलमग्न हैं। बिसारा, सिंघिया की भी बहुत बेहतर स्थिति नहीं है।
सिंघिया का तो पता ही नहीं चलता है कि वह भरवारी कस्बे से बाहर है, लेकिन उसे अब तक गांव का ही दर्जा प्राप्त था। अब यहां के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। भरवारी नगर पंचायत को पालिका परिषद बनाने का फैसला कैबिनेट में हो चुका है। इससे पालिका में शामिल हुए गांव के लोग खुश हैं। नाराजगी उन्हीं लोगों में हैं, जिनका राजनीतिक जीवन खतरे में हैं, यानी ग्राम प्रधान और बीडीसी। सबकी यही उम्मीद है कि जल्द से जल्द पालिका का गठन हो और विकास कार्य शुरू हो, उन्हें अब इंतजार है कि गंवई सुविधा के बजाय अब शहरी सुविधा का कितनी जल्द मिले।
घर-घर बांटी गई मिठाई
भरवारी नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने पर बुधवार को कस्बे के लोगों ने चायल विधायक संजय गुप्ता के घर जाकर बधाई दी। इसके अलावा लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर मिठाई भी बांटी। विधायक के परिजनों ने भी घर आने वाले लोगों का मुंह मीठा कराया। घर आए लोगों को विधायक ने बधाई देते हुए कहा कि इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है। शासन स्तर पर पैरवी कर भरवारी को यह बड़ी उपलब्धि दिलाई है। इसके पीछे उनका मकसद था कि इसका सर्वांगीण विकास हो। विधायक बुधवार को लखनऊ से अपने घर वापस आ रहे थे। रास्ते में उनका जगह-जगह स्वागत हुआ और पालिका बनाए जाने पर बधाई दी गई। इस मौके पर पिंटु कुशवाहा, उमेश केशरवानी, राजेश कुशवाहा, दिनेश कुमार श्रीवास्तव, सूरज यादव, अशोक कुमार मोदनवाल, राजेंद्र पाल, डॉ. बलवंत यादव आदि लोग रहे।