भरवारी नगर पंचायत की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को लेखा-लिपिक की आलमारी से मंगलवार को लॉग बुक, कैश बुक व चेकबुक नहीं मिली थी। बुधवार तक की उन्होंने मोहलत दी थी। बुधवार को लेखा लिपिक ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दस्तावेज तो दिखाए लेकिन आधे-अधूरे। कई चेक ऐसी थीं, जिन पर ईओ के हस्ताक्षर थे लेकिन चेयरमैन के नहीं थे। जांच अधिकारी ने भुगतान पर रोक पहले से ही लगा रखी थी।
भरवारी नगर पंचायत के सभासदों ने डीएम अखंड प्रताप सिंह से शिकायत की थी रिटायर्ड ईओ शिव प्रकाश श्रीवास्तव इलाहाबाद में स्थित अपने आवास से भरवारी नगर पंचायत की चेकों को बैक डेट में काट रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एसएन सिंह ने सोमवार को भरवारी नगर पंचायत की जांच करने गए थे। उनको लेखा लिपिक जावेद गायब मिला था, इस पर उन्होंने आलमारियंा सीज करवा दी थीं। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने दोबारा लिपिक की मौजूदगी में आलमारियां खुलवाई तो उसमें से लॉग बुक, कैश बुक और चेकबुक गायब मिलीं।
इस पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताई थी, साथ ही चेतावनी दी थी कि हर हाल में उनको सभी दस्तावेज बुधवार तक उनके कार्यालय में दिखाएं जाएं। बुधवार को लिपिक दस्तावेजों के साथ पेश हुए। मजिस्ट्रेट ने जांच की तो कई चेकें कटी पाई गई। इनमें से 28 दिसंबर को भी कटी चेकें मिलीं। इन चेकों में चेयरमैन संजय गुप्ता के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा लिपिक ने मजिस्ट्रेट को आधे-अधूरे दस्तावेज दिखाए। मजिस्ट्रेट ने सभी दस्तावेज दिखाने के लिए एक और मौका लिपिक को दिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एसएन सिंह का कहना है कि जांच के दौरान पूरे अभिलेख बुधवार को नहीं दिखाए गए हैं। अभी उनकी जांच चल रही है। कई चेकें कटी मिलीं। इनमें ईओ के ही हस्ताक्षर मिले हैं, अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं थे। लिपिक को एक और मौका दिया गया है। अभी इस प्रकरण की और गहराई से जांच की जाएगी।
क्या कहते हैं अध्यक्ष
भरवारी नगर पंचायत अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सभी दस्तावेज दिखा दिए गए हैं। इससे वह संतुष्ट हैं। सभासदों ने झूठी शिकायत की है। वह दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका पहले भी यही कहना था और अब भी वह यही कह रहे हैं कि न तो न खाऊंगा और न ही किसी को खाने दूंगा।