कस्बे में बेपटरी यातायात व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सड़क किनारे बने नालों और फुटपाथों पर दुकानदारों के कब्जे और वाहन चालकों की मनमानी से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक जाम में फंसना पड़ता है।
नगर पालिका भरवारी क्षेत्र में करीब एक साल पहले पार्किंग स्थल बनाया गया था लेकिन वहां वाहन खड़े नहीं किए जाते। इसके बजाय ऑटो और ई-रिक्शा चालक रेलवे फाटक और प्रमुख चौराहों पर बीच सड़क सवारी भरते हैं जिससे यातायात ठप हो जाता है।
रेलवे स्टेशन के बाहर फाटक के पास दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। ऑटो स्टैंड खाली रहता है, जबकि मुख्य सड़कों पर भी कब्जा कायम है। नगर पालिका क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन का कोई तय रूट न होने से स्थिति और बिगड़ गई है। रेलवे फाटक के दोनों ओर वाहन खड़े रहने से चार पहिया वाहन और बसें निकल नहीं पातीं।
गौरा, मूरतगंज, करारी, मंझनपुर रोड और मूरतगंज बाजार में भी जाम आम बात हो गई है। बिसारा निवासी नंदलाल ने बताया कि भरवारी होकर जाना अब मुसीबत बन गया है। जाम में आधा घंटा फंसना पड़ता है। वहीं कपड़ों की खरीदारी करने आए सुनील कुमार ने बताया कि कस्बे में पैदल चलना तक मुश्किल है, प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।
स्थानीय व्यापारी नीरज कौशल ने बताया कि जिले के अधिकांश स्कूल भरवारी में हैं जिससे दिनभर स्कूली वाहनों का आना-जाना रहता है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। उन्होंने लोगों ने नगर पालिका और यातायात पुलिस से मांग की कि नाले और फुटपाथ से कब्जा हटाकर ई-रिक्शा के लिए निश्चित रूट तय किए जाएं।
इन जगहों पर लगता है ज्यादा जाम
करारी रोड पर हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के सामने, कोखराज व चकवान रोड और मूरतगंज बाजार तिराहे के पास ई-रिक्शा और टेंपो सड़कों पर खड़े रहते हैं। वहीं फुटपाथ और नालों पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है।
नगर क्षेत्र में बने अस्थायी टेंपो और टैक्सी स्टैंड पर वाहनों को खड़ा करने और रूट निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद अगर वाहन चालक सड़कों पर गाड़ियां खड़ी करते हैं तो स्थानीय प्रशासन के सहयोग से वाहन चालक या मालिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फुटपाथ से कब्जा हटवाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। - रामसिंह, ईओ नगर पालिका परिषद-भरवारी
भरवारी स्थित बाजार में बृहस्पतिवार को लगा भीषण जाम। संवाद