भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने बृहस्पतिवार को चायल तहसील के पिपरी गांव में महापंचायत का आयोजन किया। इस दौरान धान खरीद की बदहाल व्यवस्था पर कड़ा विरोध जताया गया। जिलाध्यक्ष की अगुवाई में जुटे सैकड़ों किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी ने कहा कि चायल तहसील क्षेत्र में धान क्रय केंद्रों की संख्या बहुत कम है जिससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। सरकारी समर्थन मूल्य 2359 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसान मजबूरी में 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल में धान बेचने को मजबूर हैं। इससे सरकार का किसानों की आय दोगुनी करने का दावा खोखला साबित हो रहा है।
किसानों ने प्रयागराज एयरपोर्ट के नाम पर हुए भूमि अधिग्रहण में तय रेट के अनुसार मुआवजा न मिलने का भी मुद्दा उठाया। मांग की कि बिना पूरा मुआवजा दिए किसी किसान का रजिस्ट्रेशन न काटा जाए। पिपरी गांव में ग्राम सभा की जमीन पर रास्ता न होने से किसानों व मजदूरों को दूर से आवागमन करना पड़ रहा है। यूनियन ने ग्राम सभा में फोरलेन सड़क पर कट बनवाने की भी मांग की।
वहीं, चकबंदी लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि दलालों के माध्यम से धन उगाही हो रही है जिससे किसानों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने आरोपी लेखपाल को हटाकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। महापंचायत में युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजन उपाध्याय, मोहम्मद शाहिद, पंचम लाल सेन, सनी सिंह, आशीष शुक्ला, शनि चंद्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
महापंचायत में जुटे किसान, प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह का माल्यार्पण करते कार्यकर्ता। फोटो संवाद