कौशांबी के मूरतगंज में लगा पशुओं का मेला।
- फोटो : अमर उजाला।
जालौन के चेतन (घोड़े) को शायद खरीदार नहीं मिल सकेगा। वह अब अपने मालिक के साथ घर वापसी की तैयारी में हैं। आर्मी के जवानों के पास होने वाले घोड़े की तरह दिखने वाले चेतन को अब तक नया मालिक नहीं मिल सका है।
मूरतगंज के चर्चित पशु बाजार में हर साल भदईं मेला लगता है। इस बार भी यहां घोड़े, गधे, खच्चर आए है। मेले में गधे व खच्चर की तो बिक्री हो रही है लेकिन घोड़े खरीदने वाला कोई नहीं आ रहा है। मेले का आकर्षण जालौन के सोनू कुमार का घोड़ा चेतन है जिसकी कीमत 1.10 लाख लगाई गई है।
अब तक चेतन का कोई खरीदार नहीं मिल सका है। घोड़े की बिक्री नहीं होने से उसका मालिक सोनू भी मायूस है। सोनू का कहना है घोड़े की कीमत डेढ़ लाख से ज्यादा की है लेकिन यहां आने वाले लोग सिर्फ गधे व खच्चर खरीद रहे हैं। अगर घोड़ा नहीं बिका तो उसे अपने पास ही रखेंगे।