त्योहार की वजह से पांच दिन बाद सोमवार को बैंक खुले तो लेनदेन करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। कारोबारी और आम उपभोक्ता जमा व निकासी के लिए बैंक पहुंचे लेकिन पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था दूर-दूर तक नजर नहीं आई। गनीमत रही कि जिले में कोई घटना नहीं हुई। दीपावली को लेकर बैंकों में पांच दिन का अवकाश था। पेट्रोल पंप, कोल्ड स्टोर, खाद की दुकान संचालक सहित तमाम लोगों का लाखों में लेनदेन फंसा पड़ा था। बैंक खुले तो ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद भी जिले के बैंकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस के इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित दिखे। बैंकों में बाहर लगने वाली पिकेट के सिपाही भी चाय-पान की दुकानों पर गप्पे लड़ाते नजर आए।
जिले में सोमवार को ही कई एटीएम में कैश डाला गया। इसे लेकर मंझनपुर स्थित एसबीआई और इलाहाबाद बैंक के एटीएम में पैसा निकालने वालों की लंबी लाइन लगी थी। किसी एटीएम में गार्ड था किसी में बिना गार्ड के ही लोग पैसा निकाल रहे थे। बूथ के अंदर एक साथ कई-कई लोग घुसे जा रहे थे लेकिन उन्हें रोकने के लिए किसी ने जहमत नहीं उठाई।
पिछले महीने सैनी कोतवाली के डोरमा में बाइक सवार आधा दर्जन बदमाशों ने दिनदहाड़े 10 लाख की लूटपाट की थी। इस घटना में पुलिस ने मध्य प्रदेश की बैंक लूट में प्रकाश में आरोपी पर घटना का खुलासा किया। बाकी के लोग अभी भी पकड़े नहीं जा सके हैं। बैंक डकैती पुलिस की चूक की ही वजह से हुई थी। घटना वाले दिन एक सिपाही व होमगार्ड की बैंक में ड्यूटी लगी थी लेकिन रजिस्टर में हस्ताक्षर बनाने के बाद पुलिस कर्मी चले आए थे।
पिछले दिनों बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पश्चिम शरीरा में स्थानीय लोगों ने एक टप्पेबाज को पकड़ा था। इस शातिर ने बैंक से पैसा निकालने वाले दो लोगों को अपना निशाना बनाया था। इसके बाद भी यहां की सुरक्षा भी सोमवार को भगवान भरोसे छोड़ी गई थी।
एसपी प्रदीप गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए जिले के व्यापारियों को संदेश दिया था कि किसी को बड़ा लेनदेन करना हो और वह पुलिस की मदद चाहते हैं तो उन्हें या एएसपी के मोबाइल नंबर पर फोन कर सकते हैं। मैसेज के साथ उन्होंने नंबर भी दिया था। जिले के अफसर तो सुरक्षा को लेकर संजीदा दिखे लेकिन थानेदार व सिपाही बेफिक्र नजर आए।