मंझनपुर। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगारी बनाने में बैंक सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं को इनके माध्यम से आसानी से ऋण मिला और वह स्वरोजगारी बन गईं। विभागीय आंकड़ों में इन दिनों करीब 1500 महिलाओं ने बैंक से 50 हजार से लेकर तीन लाख तक का ऋण लेकर कारोबार में लगाया है।
जिले में सात हजार के करीब महिला स्वयं सहायता समूह हैं। इन समूहों को सरकार से आर्थिक मदद मिलती है। तीन माह में पुराने समूह को अब तक 1.80 लाख की मदद सरकार से मिली है। जिन समूह को इससे अधिक की धनराशि चाहिए उसके लिए आसानी से ऋण की भी सुविधा है। जिला समन्वयक एनआरएलएम दिव्यांशु सिंह ने बताया कि विभिन्न बैंक से करीब 1500 महिलाओं ने ऋण लेकर अपना स्वयं का काम शुरू किया है। यह ऋण इनको आसान किश्तों पर मिला है।
किसी भी काम के लिए मिल सकता है ऋण
जिला मिशन प्रबंधक ने बताया कि महिलाएं किसी भी काम के लिए ऋण ले सकती हैं। इसके लिए उनको औपचारिकता पूरी करनी होगी। यह महज कागजी कोरम होता है। महिलाओं को आसानी से ऋण मिल सकता है। अब तक अधिकांश महिलाओं ने दुकान, भैंस पालन, ब्यूटी पार्लर, फल उत्पादन, धूपबत्ती व मोमबत्ती निर्माण, हार्पिक व फिनायल निर्माण, दोना पत्तल निर्माण आदि के लिए ऋण लिया है।