फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लू के थपेड़ों से केला किसानों के उड़े होश

Wed, 26 Apr 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
विज्ञापन
 केला के किसानों पर मौसम की मार इस बार भारी पड़ रही है। समय से पहले भीषण गर्मी और लू चलने से केले की पत्तियां जहां फटती जा रही हैं वहीं फसलों में घार (कांदी) अच्छी नहीं आ रही हैं। फल छोटे-छोटे निकलने से किसानों को मुनाफे की चिंता सताने लगी है। मौसम की मार से फसलों को कैसे बचाया जाय इसे लेकर किसानों को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। फलों को देख केले की खेती घाटे का सौदा दिख रही है।
विज्ञापन


दोआबा का कुछ क्षेत्रफल केला खेती का हब बन चुका है। नगरेहा कला, पिंडरा सहाबनपुर, रक्सवारा आदि गांवों में बड़े पैमाने पर किसान केले की खेती करते चले आ रहे हैं। इससे किसानों को प्रति बीघा डेढ़ से दो लाख रुपये की आमदनी भी होती है, लेकिन इस साल मौसम किसानों को दगा दे रहा है। मार्च माह के आखिरी सप्ताह से शुरू हुई भीषण गर्मी ने अप्रैल के पहले पखवारे में भयावह रूप ले लिया। लू के थपेड़ों से जहां केले की पत्तियां फटकर मुरझा रही हैं, वहीं समय से पहले अधिक गर्मी पड़ने से केले में घार (कांदी) भी समय से पहले आने लगी है। कांदी पहले निकलने से उसमें लगने वाले फलों का विकास ठीक से नहीं हो पा रहा है।

कांदियों में छोटे-छोटे फल लगते देख किसान चिंतित हैं। मौसम की इस समस्या से निजात कैसे मिले केला किसानों को कोई राह नहीं सूझ रही है । फल छोटे आने से किसानों को होने वाले घाटे की चिंता सताने लगी है। नगरेहा कला के किसान वसीम अहमद, समरों के मिथलेश मौर्य का कहना है कि यदि ऐसे ही फल निकले तो कमाई होना तो दूर लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। इसे लेकर केला किसान चिंतित हैं। मेवाराम, प्रभारी उद्यान अधिकारी का कहना है कि मौसम की मार केले की फसलों पर दिखाई दे रही है। छोटे फल आने से किसान भी मायूस हैं। खेतों में नमी बनाए रखना ही बचाव का प्रमुख उपाय है। इसके अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है। यह समस्या भीषण गर्मी में चल रही तेज हवाओं की वजह से हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें