महेवाघाट के एक गांव में किशोरी से छेड़खानी का आरोप लगाकर दूसरे समुदाय लोगों का एक युवक को पीटना, फिर तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में गुस्सा बढ़ा है। इससे नाराज बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोतवाली के बाहर गेट पर धरना दिया। सीओ कौशाम्बी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
अढ़ौली निवासी लक्ष्मीकांत ने बताया कि मंगलवार सुबह वह खेत से लौट रहा था। इसी बीच गांव की दूसरे समुदाय की महिला ने बेटी से छेड़खानी का आरोप लगाते हुए शोर मचा दिया। शोरगुल सुनकर जुटे लोग मामला समझने के बाद अपने-अपने घर चले गए।
कुछ देर बाद लक्ष्मीकांत अपने भाई के साथ गांव के बाहर स्थित बैंक में रुपये जमा करने गया। आरोप है कि बैंक से बाहर निकलते ही महिला की तरफ से दर्जनों लोग लाठी-डंडे, लोहे की राॅड व धारदार हथियार से उस पर हमला बोल दिया।
चीख-पुकार सुन जुटे लोगों के दखल पर आरोपी उसकी हत्या करने की धमकी देते हुए भाग गए।पिटाई से जख्मी लक्ष्मीकांत ने कोतवाली पहुंचकर घटना की तहरीर दी। आरोप है कि थाना पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित को ही डांट कर भगा दिया।
जानकारी बजरंग दल के पदाधिकारियों को हुई तो जिला गोरक्षा प्रमुख की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कोतवाली गेट पर धरना दे दिया। कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
सूचना के बाद पहुंचे सीओ कौशाम्बी अभिषेक सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि हल्का इंचार्ज को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।