मरीजों से अवैध वसूली के आरोप में फंसी दो स्टाफ नर्सों को क्लीन चिट मिल गई है। जांच के दौरान तीमारदार धन उगाही के आरोप से मुकर गए। जांच अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट सीएमओ को भेजी है।
बीते 17 अगस्त को सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान मरीजों व तीमारदारों ने बातचीत भी की थी। तब मौके पर एक प्रसूता शिखा शुक्ला के परिजनों ने सीएमओ से एक स्टॉफ नर्स द्वारा 500 रुपये वसूलने की शिकायत दर्ज कराई थी।
इसी दिन सीएमओ चायल सीएचसी भी पहुंचे थे। यहां पर भी प्रसूता के परिजनों से अवैध वसूली का एक मामला सीएमओ के सामने आया था। इसमें स्टॉफ नर्स रागिनी पर आरोप लगे थे। सीएमओ ने बताया कि इन दोनों मामलों की जांच संबंधित सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दी गई थी।
प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने जांच के दौरान आरोप लगाने वाले तीमारदारों से बातचीत की और बयान दर्ज किए थे। जिसमें दोनों तीमारदारों ने अवैध वसूली के आरोपों को गलत बताया था। कहा कि अपनी मर्जी और खुशी से मिठाई मंगाने के लिए रुपये दिए थे। सीएमओ ने बताया कि दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट मिली है। तीमारदारों के आरोपों से मुकर जाने की वजह से अब मामले में कोई कार्रवाई नहीं बनती है।