कोखराज कोतवाली के असवां गांव में शुक्रवार रात दिव्यांग दंपती को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। दरवाजा नहीं खोलने पर दबंगों ने घर के छप्पर में आग लगा दी। आग में पीड़ित की गृहस्थी जलकर राख हो गई। घटना की वजह रंजिश बताई जा रही है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
असवा गांव निवासी रामजी प्रजापति, पत्नी गायत्री देवी और उनके तीन बच्चे मानसी, यश, शिवांश घर में सो रहे थे। आरोप है कि शुक्रवार रात लगभग 12:30 बजे कुछ दबंग लाठी-डंडों से लैस होकर आए और दरवाजा पीटने लगे। दंपती ने दरवाजा नहीं खोला तो घर के बाहर बरामदे में पड़े छप्पर में आग लगा दी।
लपटें देख दंपती ने किसी तरह बच्चों समेत बाहर निकलकर जान बचाई। चीख-पुकार सुन ग्रामीणों को जुटता देख आरोपी भाग गए। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। पीड़ित के मुताबिक, घटना में हजारों रुपये की कीमती गृहस्थी जलकर राख हो गई। इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।