नेवादा। अतीक के गुर्गे अब्दुल कवि के भाई अब्दुल वली ने अदालत में आत्मसर्मपण कर दिया। गुर्गे अब्दुल कवि ने कुबूला था कि उसके भाइयों के पास उसकी लाइसेंसी रायफल है। इस मामले में फरार चल रहे कवि के भाई अब्दुल वली के खिलाफ धारा 82 के तहत कुर्की का आदेश हुआ था। फिलहाल पुलिस अब तक रायफल की बरामदगी नहीं कर सकी है।
प्रयागराज के चर्चित राजूपाल हत्याकांड में भखंदा निवासी अतीक के गुर्गे अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में आया था। कवि पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसने लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जांच में पता चला कि फरारी के दौरान उसने अपने नाम रायफल का लाइसेंस जारी कराया था।
पुलिस की रिपोर्ट पर लाइसेंस को जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया था। पुलिस तब से रायफल की तलाश कर रही थी। पुलिस ने अब्दुल कवि को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने बताया रायफल उसके भाई अब्दुल वली, अब्दुल कादिर, संदीपनघाट के लोहरा निवासी अब्दुल सऊद व फैज के पास है। मामले में अब्दुल कादिर, अब्दुल सऊद व फैज की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अब्दुल वली फरार चल रहा था। पुलिस ने धारा 82 के तहत उसके घर में कुर्की का नोटिस चस्पा किया। मंगलवार को अब्दुल वली ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि अब्दुल वली जेल भेजा गया है। रिमांड में लेकर उससे रायफल के बाबत पूछताछ की जाएगी।