आम बजट से किसी को राहत मिली है तो किसी को झटका लगा है। तीन लाख की आय वाले टैक्स के दायरे से बाहर हो गए हैं। गृहलक्ष्मियों का भी पारा गरम है, क्योंकि रसोई गैस महंगी हो गई है। किसानों को राहत मिली है। कर्ज के साथ ही उन्हें फसल बीमा की रिकवरी में अब ज्यादा लाभ मिलेगा। बुधवार को पेश हुए बजट को लेकर लोगों की अलग-अलग राय रही।
आम बजट पर बुधवार को लोगों की निगाह लगी रही। किसको क्या मिला, यह जानने को लोग बेताब दिखे। आम बजट पेश हुआ तो लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी। सरिता जायसवाल का कहना था कि आम बजट से कुछ खास नहीं मिला। रसोई गैस का दाम जरूर 75 रुपये बढ़ा दिया गया। इससे रसोई घर में अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। काजू का दाम भी बढ़ा दिया गया है। संतरा देवी का कहना है कि गर्भवती महिलाआें को मिलने वाले लाभ की धनराशि सीधे खाते में देने का फैसला सही है। इससे महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह योजना अभी तक धांधली का शिकार थी।
कर्मचारी रुपये का बंदरबांट करते थे, लेकिन इसका लाभ सीधे मिलेगा। व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश अग्रहरि का कहना है कि राजनीतिक दलों को दो हजार रुपये से अधिक की रकम देने पर रोक लगाने का फैसला सही है, लेकिन इनकम टैक्स में पांच लाख रुपये तक की रकम में छूटी मिलनी चाहिए थी। इससे आम आदमी प्रभावित होगा। कहा कि कैश लेनदेन की रकम तीन लाख तय की गई है, इसमें इजाफा होना चाहिए था। इससे कारोबारियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डीओ दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि इनकम टैक्स में छूट देकर सरकार ने राहत दी है।
किसानों को कर्ज देने व मनरेगा का बजट बढ़ाकर सरकार ने सही किया है। इससे गरीब तबके को लाभ मिलेगा। फसल बीमा की रिकवरी बढ़ने से किसान अब चिंतित नहीं रहेगा। सिगरेट व पान मसाला आदि का दाम बढ़ने से जरूर इसके शौकीनों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। नसरुल्लापुर के रमेश कुशवाहा का कहना है कि किसानों को राहत देने का फैसला सही है, लेकिन सोलर पैनल आदि का दाम बढ़ाने से निराशा भी है। आज के दौर में किसान सोलर पैनल के जरिए ही अपने सारे कार्य कर रहे हैं। इसका दाम बढ़ने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।