शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण कराने से पहले आवेदक को अब पुलिस की कसौटी पर खरा उतरना होगा। पुलिस रिपोर्ट और ट्रेजरी चालान प्रक्रिया के बाद एसपी की संस्तुति पर पुलिस लाइन में आरआई के सामने फायर करना पड़ेगा। शस्त्र चलाने के प्रमाण पत्र के बाद ही नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी होगी। गृह सचिव के निर्देश पर जिला और पुलिस प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
हर्ष फायरिंग पर रोक लगाने के लिए गृह सचिव देवाशीष पंडा ने जिला और पुलिस प्रशासन को नए फरमान जारी करते हुए शस्त्र लाइसेंस के साथ नवीनीकरण प्रक्रिया में बदलाव करने का निर्देश दिया है। बताते चलें कि अब तक पुलिस की रिपोर्ट के बाद मात्र ट्रेजरी चालान जमा करने से शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता था। पर अब शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया में कई बदलाव कर दिए गए है। ट्रेजरी चालान के साथ शुरू होने वाली नवीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई परीक्षा पास करनी होगी।
थाने की रिपोर्ट, फिंगर प्रिंट, फोटो प्रमाणित कराना होगा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से लाइसेंस चलाने की दक्षता का प्रमाण पत्र पुलिस लाइंस के आरआई से लेना होगा। इसके लिए आरआई के सामने लाइसेंस लेकर जाना पड़ेगा। यह देखा जाता है कि लाइसेंस धारक असलहा चला लेता है कि नहीं। अगर आरआई ने अपनी रिपोर्ट में किसी तरह का ऐतराज जाहिर किया तो नवीनीकरण प्रक्रिया आधी-अधूरी रह जाएगी। आरआई की सहमति मिलने के बाद पत्रावली दोबारा कलेक्ट्रेट में शस्त्र लिपिक के पास पहुंचेगी। और ओसी आर्म्स की स्वीकृति मिलने के बाद लाइसेंस के नवीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी।
बुजुर्गों की बढ़ी मुसीबत
शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया में बदलाव किए जाने से बुजुर्गों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। जो दशक भर पहले आसानी से शस्त्र का लाइसेंस प्राप्त कर लिया है। अब उम्र दराज होने के बाद कांपते हाथों से उन्हें फायर करना होगा। पुलिस कसौटी में खरा नहीं उतरने पर उन्हें दिक्कत भी उठानी पड़ सकती है।
अपनों के नाम जल्द करना होगा शस्त्र का वरासत
उम्र के अंतिम पड़ाव वाले शस्त्र लाइसेंस धारियों को अब अपना शस्त्र अपने को वरासत करना होगा। नवीनीकरण की इस प्रक्रिया से उम्रदराज बुजुर्गों की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही है। थोड़ी चूक में शस्त्र लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है।