कौशाम्बी में राजा उदयन के किला क्षेत्र की देखरेख करते पुरातत्व के कर्मचारी।
- फोटो : संवाद।
राजा उदयन किला क्षेत्र में दबे धन की खोदाई के दौरान हुए हादसे में एक मवेशी चराने वाले युवक की मौत के बाद विभाग सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रयागराज पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कर्मवीर तिवारी ने किला क्षेत्र में चोरी छीपे हो रही खुदाई का निरीक्षण कर मातहतों को सख्त निर्देश दिए हैं। पुरातत्व विभाग के साइड इंचार्ज राजकुमार पाण्डेय ने बताया कि निर्देश में कहा गया है कि खुदाई वर्जित क्षेत्र में दिन में दोनों पहर गस्त बढाई जाए प्रति दिन गस्त करते फोटो भी अपलोड किया जाए।खोदाई करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के आदेश मिला है। कौशाम्बी में राजा उदयन का किला, राजप्रसाद का क्षेत्र,सेठ घोषिता राम विहार, अशोक स्तंभ व बंदरगाह का अवशेष आज भी लगभग 36 सौ बीघे में फैला हुआ है।
चार कर्मचारियों के कंधे पर 36 सौ बीघे में फ़ैले किले की जिम्मेदारी
कौशाम्बी किले का अवशेष करीब 36सौ बीघे में फैला हुआ है।इन धरोहरों के रखवाली की जिम्मेदारी चार कर्मचारियों राजकुमार,मार्तण्ड कुमार, शनि उत्तम,दीपक कुमार के कंधों पर है।इस किले की बाउंड्री वाल मिट्टी के टीले से बनी हुई है।रेख के अभाव में बारिश के पानी के बहाव से बड़े बड़े गहरे नाले बन गए हैं। इन्हीं नालों में लोग चोरी से खुदाई कर दबे धन व प्राचीन सामग्रियां की तलाश करते हैं।