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विद्युतीकरण के लिए फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

Sun, 28 Dec 2014 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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बिसारा। गांव में बिजली के लिए बरसों से हुंकार भर रहे जिल्लापर के लोगों का रविवार को फिर गुस्सा फूट पड़ा। नेताओं, अफसरों की वादाखिलाफी से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में ही धरना शुरू कर दिया है। गांववालों का ऐलान है कि अबकी बार उनका धरना गांव में बिजली आने के बाद ही खत्म होगा।
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सिराथू विधानसभा क्षेत्र के जिल्लापर गांव में करीब 100 परिवार रहते हैं। गांव के प्रधान दयानंद यादव के साथ ही रमेशचंद्र मौर्य, बृजेश कुमार, वीरेंद्र पांडेय, मोनू यादव, चंदन, जगदीश प्रसाद, दिलीप प्रजापति, कल्लू, पवन मौर्य आदि ने बताया कि अब तक उनके गांव में बिजली नहीं आई है। पूरा गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। लोगों को रात में रोशनी के लिए अब भी ढिबरी ही जलानी पड़ती है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले 10 साल से वे सांसद, विधायक और अफसरों से बिजली की गुहार लगा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन लोगों ने बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाते हुए धरना दिया था। साथ ही मतदान बहिष्कार का ऐलान भी किया। ग्रामीण बताते हैं कि तब एसडीएम सिराथू, एसडीओ मंझनपुर के साथ ही भाजपा नेता संजय गुप्ता आदि गांव आए थे। अफसरों और नेताओं ने महीने भर के भीतर गांव के विद्युतीकरण का आश्वासन दिया था। पर, छह महीने से भी ज्यादा का समय बीतने के बाद भी गांव में अब तक खंभे-तार नहीं लगाए जा सके हैं। अफसर-नेताओं की इस वादाखिलाफी को लेकर रविवार को गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण बिजली की मांग करते हुए गांव में ही धरने पर बैठ गए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि अबकी उनका धरना गांव में बत्ती जलने के बाद ही खत्म होगा। प्रधान दयानंद ने बताया कि उन्होंने विधायक सिराथू से बात की है। उन्होंने जल्द से जल्द इस गांव का विद्युतीकरण कराने का वादा किया है। वहीं विधायक वाचस्पति ने बताया कि बिजली विभाग को स्टीमेट मांगा गया है। जल्द ही गांव में विद्युतीकरण हो जाएगा।
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