कुर्सी बचाने को सियासी आकाओं की परिक्रमा
अविश्वास का हलफनामा दाखिल होने के बाद अध्यक्ष कल्पना सोनकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अध्यक्ष खुद एक-एक सदस्यों से संपर्क करने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, इसमें उन्हें खास सफलता नहीं मिल रही है। अध्यक्ष के पति पूर्व ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र सोनकर भी बुधवार से राजधानी लखनऊ में डेरा डालकर सियासी आकाओं की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो फिलहाल अभी तक उन्हें किसी आका ने अभयदान नहीं दिया है।
सियासी मदद नहीं मिली तो इस्तीफा दे सकती हैं अध्यक्ष
मौजूदा सियासी समीकरण में अध्यक्ष अलग-थलग पड़ती दिख रही हैं। जिस तरह से उनकी ही पार्टी के सभी पांचों सदस्य बगावत पर उतरे हैं, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि अध्यक्ष के सियासी आकाओं ने अपने हाथ खींच लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि दो अगस्त को हस्ताक्षर मिलान कराने के बाद यदि डीएम ने सदस्यों को परेड के लिए तारीख निधार्रित की तो फ्लोर टेस्ट से पहले ही अध्यक्ष अपने पद से इस्तीफा दे सकती हैं। क्योंकि, फ्लोर टेस्ट में फेल होने पर अध्यक्ष को उपचुनाव में किस्मत आजमाने का मौका नहीं मिलेगा। वहीं, इस्तीफा देने पर दोबारा चुनाव लड़ने के अवसर मिल जाएंगे। अध्यक्ष से नाराज खेमा इस बार पूरी तरह से मुठ्ठी बांधकर खड़ा है। सूत्रों का कहना है कि सभी ने हरिद्वार का पवित्र गंगा जल हाथ में लेकर एकजुट हो लड़ने का संकल्प ले रखा है।