मूरतगंज विकास खंड की महगांव ग्राम पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार को पहुंची चने की दाल की बोरी में तीन किलो दाल कम निकली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फरीदा बीबी और सहायिका तहसीन फातिमा ने पर यह कमी पाई। उनका आरोप है कि महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आने वालीं बोरियों में हर माह दाल कम रहती है। कभी सात-आठ किलो तो कभी 13 किलो तक की कमी आ रही है। ऐसे में जिन लाभार्थियों को दाल नहीं मिलती, उनसे विवाद होता है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजना के तहत छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को प्रति माह आधा किलो और तीन से छह वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अतिकुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से एक किलोग्राम चने की दाल का वितरण किया जाता है। यह राशन विभागीय कार्यालय से महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिये आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि बंद बोरी में दाल पहुंचाई जाती है जिन्हें खोलने पर हर बार दाल की मात्रा कम मिलती है। आसपास के अन्य केंद्रों में भी यही स्थिति है। स्वयं सहायता समूह की सदस्यों से शिकायत करने पर वे कहती हैं कि कार्यालय से ही बंद बोरी मिलती है और वैसे ही पहुंचा दी जाती है। इस संबंध में सीडीपीओ रेनू वर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। कार्यालय से स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष को राशन दिया जाता है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।