विजिलेंस टीम की कार्रवाई में पकड़ी गई सिराथू कि अंगबाड़ी कार्यकत्री रीना देवी। संवाद
आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस प्रयागराज की टीम ने बृहस्पतिवार को सिराथू स्थित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय परिसर में छापा मारकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीना देवी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मामले में सीडीपीओ मनोज कुमार वर्मा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस टीम के अनुसार सिराथू क्षेत्र की एक महिला ने सात अक्तूबर को शिकायत की थी कि उसकी बेटी रोशनी कुमारी ने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए दिसंबर 2025 में ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि नियुक्ति कराने के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री रीना देवी ने उससे 35 हजार रुपये मांगे थे।
शिकायत के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। आरोप है कि रीना ने शिकायतकर्ता को नियुक्ति के संबंध में सीडीपीओ से मिलने की सलाह दी। तीन अक्तूबर को सीडीपीओ कार्यालय में मुलाकात के बाद उसे रीना देवी से संपर्क करने को कहा गया। इसके बाद रीना ने नियुक्ति के नाम पर 35 हजार रुपये की मांग की।
शिकायतकर्ता ने 15 हजार रुपये देने की बात कही तो रीना तैयार हो गई। बृहस्पतिवार दोपहर विजिलेंस टीम ने कोखराज क्षेत्र निवासी रीना देवी को 15 हजार रुपये लेते पकड़ा। टीम अब सीडीपीओ की भूमिका और कथित रिश्वतखोरी के पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।