कैंसर से अनन्या ने जीती लड़ाई
मजदूर की बेटी को हुआ था आंख का कैंसर, आरबीएसके टीम के प्रयास से हुआ ऑपरेशन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। रेटिनो ब्लास्टोमा (आंख में कैंसर) से जूझ रही टेवां गांव की अनन्या को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से नई जिंदगी मिली है। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम(आरबीएसके) की टीम ने बच्ची की हालत व परिवार की दयनीय स्थिति को देख, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से इलाज के लिए मदद मांगी थी। डीएम और टीम के प्रयास के चलते बच्ची वर्तमान में खुशहाल है और दर्द में काफी आराम मिला है।
सदर तहसील के टेवां गांव निवासी रामराज मजदूर है। एक साल पहले रामराज के यहां बेटी अनन्या ने जन्म लिया। बच्ची रात-दिन रोती रहती थी। परिवार के लोगों ने उसे दोआबा के अलावा प्रयागराज के नामी चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हो सका। बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिवार की आर्थिक स्थित और कर्ज हो जाने के कारण रामराज को रोजगार के लिए छत्तीसगढ़ जाना पड़ा। वह वहां ठेला लगाता था, लेकिन बेजुबान बेटी और घरवालों की चिंता उसे फिर से गांव खींच लाई। इस बीच गांव 20 जून को गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में आरबीएसएके टीम बी (मंझनपुर) के प्रभारी डॉ. अरुण केसरवानी गांव में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे। इस बीच किसी ने रामराज को किसी ने बताया कि वह बच्ची को टीम के पास ले जाए।
रामराज ने अपनी बच्ची की हालत के बारे में बताया और कहा कि इन दिनों बेटी अपनी ननिहाल उमरा में है। डॉ. अरुण ने उमरा जाकर बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया। टीम प्रभारी ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी मनीष कुमार और स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को दी। अफसरों ने बच्ची के इलाज का बेड़ा उठाया। 21 जून को बच्ची को मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय प्रयागराज ले जाया गया। यहां चिकित्सक डॉ. अपराजिता ने परीक्षण कर बताया कि अनन्या को रेटिनो ब्लास्टोमा है। ऑपरेशन की सलाह दी गई। इधर बच्ची की हालत दर्द से बिगड़ती जा रही थी। सीनियर डॉक्टर की सलाह पर 24 जून को अनन्या का ऑपरेशन किया गया। अब बच्ची की हालत सामान्य है। फिलहाल चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची को कैंसर था। इस कारण कीमो थैरिपी की जरूरत हो सकती है। उन्होंने बच्ची को अपनी देखरेख में रखा है।