सरसवां ब्लॉक के अजरौली गांव स्थित प्रसिद्ध आनंदी माता मंदिर का अब कायाकल्प होने जा रहा है। जिला पंचायत ने इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर में शौचालय और हाईमास्ट लाइट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पार्किंग व्यवस्था और पास के तालाब का सौंदर्यीकरण जल्द कराया जाएगा।
लोगों की मांग पर जिला पंचायत ने मंदिर के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो गया है। योजना के तहत मंदिर आने वाले भक्तों के लिए स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए यहां शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। हाईमास्ट लग गया है।
गांव के गंदे पानी को तालाब तक जाने से रोकने और इसे सीधे गांव के बाहर निकालने के लिए नाले का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही करीब एक करोड़ की लागत से तालाब की सफाई और पक्का घाट बनाने की भी योजना है। इससे श्रद्धालु आसानी से स्नान और पूजन कर सकेंगे।
गांव के आनंद प्रताप सिंह, मनोज कुमार सिंह और शंकर दयाल सिंह आदि ने बताया कि मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से श्रद्धालुओं को सुविधा तो होगी ही, साथ ही गांव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी और अधिक बढ़ेगा। मंदिर में सालभर भक्तों की भीड़ रहती है और नवरात्र में यहां विशेष मेले का आयोजन होता है।
आस्था का प्रमुख केंद्र है मंदिर
सरसवां ब्लॉक के अजरौली गांव स्थित आनंदी माता मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि यहां मांगी गईं मुरादें पूरी होती हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। ग्रामीण परंपरा के मुताबिक, मंदिर परिसर में क्षेत्रीय मेले का आयोजन भी होता है जिसमें आसपास के गांवों से लोग बड़ी संख्या में जुटते हैं। अब सौंदर्यीकरण के बाद मंदिर का स्वरूप और भव्य दिखाई देगा।
पहले मंदिर के लिए एक करोड़ का बजट निर्धारित था। इसके बाद काम बढ़ा तो सवा करोड़ और अब डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शौचालय व हाईमास्ट का काम पूरा हो चुका है। इंटरलॉकिंग व नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके बाद तालाब का सौंदर्यीकरण होगा। -कल्पना सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष
अजरौली गांव स्थित आनंदी माता मंदिर। संवाद