जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को मतदान होना है। सोमवार को सदस्यों को मतदान का प्रशिक्षण होना है। प्रशिक्षण के लिए सभी सदस्यों को बुलाया गया है। प्रशिक्षण में आने वाल सदस्यों पर सभी दलों की निगाह होगी। अनामिका व मधुपति के समर्थक भी इसको लेकर सतर्क रहेंगे। सदस्यों की खींचतान यहां हो सकती है। इसकी संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त भी किए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसका फैसला मंगलवार को हो जाएगा। 22 अगस्त को मतदान होगा। मतदान के लिए कुल 29 सदस्य हैं, इनमें अनामिका सिंह व पूर्व अध्यक्ष मधुपति प्रत्याशी हैं। जीत के लिए 15 सदस्यों की एक प्रत्याशी को दरकार है। सदस्यों की खींचतान एक महीने से चल रही है। अनामिका सिंह खेमा मजबूत बताया जा रहा है, सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले ही लामबंद कर लिया गया था। इससे मधुपति की परेशानी बढ़ी है। ऐन वक्त पर कुछ भी हो सकता है, इसकी प्रबल संभावना बनी है। सोमवार को मतदाताओं का प्रशिक्षण होना है। प्रशिक्षण में सभी सदस्य बुलाए गए हैं।
यहां यह बताया जाएगा कि कैसे उनको मतदान करना है और मतपत्र कैसे मत पेटिका में डाला जाएगा। प्रशिक्षण के लिए बुलाए गए सदस्यों को लेकर अनामिका व मधुपति खेमा चौकन्ना हो गया है। कई दिनों बाद सदस्य खुलकर सामने आ सकते हैं। प्रशिक्षण में सदस्य आएंगे अथवा नहीं। इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं है। सदस्यों को इससे दूर रखने की कोशिश होगी। आशंका जताई जा रही है कि सामने आने पर सदस्यों की धरपकड़ भी हो सकती है, इसलिए खतरा मोल उठाने की प्रत्याशी स्थिति में नहीं दिख सकते हैं। एका दो सदस्यों को भेजकर प्रशिक्षण की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाएगी। प्रशिक्षण स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।