बारिश थमने के बाद घर से बाहर निकले लोगों ने शायद ही सोचा होगा कि अगले ही पल उनकी जिंदगी में खौफनाक मंजर सामने आएगा। पटाखा फैक्टरी के पास रहने वाले राजेश कुमार और कापुल ने बताया कि जैसे ही दोनों घर से बाहर निकले, करीब डेढ़ सौ मीटर दूर स्थित पटाखा फैक्टरी में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना भयावह था कि कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मकान की ईंटें हवा में उछलकर दूर-दूर तक गिरने लगीं। ईंटों की चपेट में आने से वह दोनों घायल हो गए।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के घरों में मौजूद लोग घबराकर बाहर की ओर भागने लगे। कुछ ही क्षण में हालात ऐसे हो गए कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि जान बचाने के लिए जाएं तो जाएं कहां। हवा में उड़ते ईंट के टुकड़ों को देखकर लोग दोबारा घरों के भीतर चले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके इतने तेज थे कि आसपास के मकान हिल उठे। तेज आवाज और लगातार हो रहे विस्फोट से बच्चों और बुजुर्गों में दहशत फैल गई। पूरा इलाका धुएं के गुबार में घिर गया। चारों ओर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। लोगों को काफी देर तक यह समझ नहीं आया कि धमाके कब रुकेंगे और अगला विस्फोट किस ओर होगा।