अलवारा झील का बोर्ड। स्रोत: इंटरनेट
इको टूरिज्म हब की तर्ज पर 3.39 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में सरसवां ब्लॉक स्थित अलवारा झील का कायाकल्प करने की तैयारी तेज हो गई है। झील किनारे योग और मेडिटेशन शेड बनाया जाएगा, जहां लोग प्राकृतिक वातावरण के बीच योग और ध्यान कर सकेंगे जिससे स्थान स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए विशेष आकर्षण बनेगा।
सुरक्षा और सौंदर्य पर विशेष फोकस
परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए कोटा स्टोन, ग्रेनाइट और विट्रिफाइड टाइल्स से फर्श तैयार की जाएगी। सुरक्षा के लिए स्टेनलेस स्टील रेलिंग लगाई जाएगी, ताकि झील किनारे आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। बैठने और घूमने के लिए भी बेहतर स्थान विकसित किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। स्वच्छ पेयजल के लिए वॉटर प्यूरीफायर और वाटर कूलर लगाए जाएंगे। साथ ही पानी की टंकी और पाइपलाइन नेटवर्क भी विकसित होगा।
रात में फ्लड लाइट से जगमग होगी झील
रात के समय झील परिसर को रोशन और सुरक्षित बनाने के लिए एलईडी ट्यूब लाइट, फ्लड लाइट, वॉल लाइट, डाउन लाइटर और अन्य आधुनिक प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा वर्षा जल निकासी, सीवर लाइन, सेप्टिक टैंक, सोक पिट, गली ट्रैप और रेन वाटर पाइप जैसी जल प्रबंधन व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहेगा।
सरसवां ब्लॉक की अलवारा झील को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थल जिले की पहचान बनेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। - कीर्तिमान श्रीवास्तव, जिला पर्यटन अधिकारी