नेवादा मतदान केंद्र पर भाजपा जिलाध्यक्ष व सपाइयों के बीच नोकझोंक के दौरान लगी भीड़। संवाद
एमएलसी चुनाव के दौरान शुक्रवार दोपहर नेवादा मतदान केंद्र पर सपा का झंडा लगा वाहन देख भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य भड़क गए। इस दौरान वहां पर बूथ एजेंट के रूप में मौजूद सपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सरोज के बीच नोकझोंक हो गई। वाहन को लेकर शुरू हुए विवाद के दौरान कुछ देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। मामले का वीडियो भी सामने आया है। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ चायल शिवांक सिंह को सौंपी है।
शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मतदान केंद्र पहुंचे। इस दौरान ब्लॉक परिसर में खड़े एक वाहन पर सपा का झंडा देखकर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से वाहन को सीज करने और फोन पर अधिकारियों से बातचीत के दौरान भगवानपुर चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की।
इसी बीच वाहन के पक्ष में सपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सरोज के बोलने पर दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। जितेंद्र कुमार सरोज का कहना है कि वह पीठासीन अधिकारी की ओर से निर्धारित स्थान पर सपा एजेंट के रूप में बैठे थे। एक दिव्यांग मतदाता को मतदान कराने के लिए गाड़ी से चालक वहां आया था। आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने उन्हें अपराधी बताते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और पुलिसकर्मियों से उन्हें वहां से हटाने को कहा। इसके बाद वाहन को सीज करने की बात पर भी विवाद हुआ। कुछ देर बाद माहौल शांत हो गया।
-वर्जन
प्रकरण की जांच सीओ चायल को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि संबंधित निजी वाहन से एक दिव्यांग मतदाता मतदान करने आया था। वाहन में सवार लोग किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारी या एजेंट नहीं थे। वाहन बूथ से करीब 100 मीटर की दूरी पर खड़ा था। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्यनारायण, पुलिस अधीक्षक
नेवादा मतदान केंद्र पर भाजपा जिलाध्यक्ष व सपाइयों के बीच नोकझोंक के दौरान लगी भीड़। संवाद
नेवादा मतदान केंद्र पर भाजपा जिलाध्यक्ष व सपाइयों के बीच नोकझोंक के दौरान लगी भीड़। संवाद