रोही तथा मुरादपुर मोहल्ले पांच वर्ष पहले भरवारी नगर पालिका का हिस्सा बने। लेकिन बुनियादी सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। पहले इंडिया मार्का 50 हैंडपंप लगे थे। इनमें से 20 खराब पड़े हैं। दोनों मोहल्लों की आबादी करीब 3000 है। जिन घरों में सबमर्सिबल पंप लगे, लोग उन्हीं घरों से बाल्टियों में पानी लाकर काम चलाते हैं।
वार्ड नंबर आठ मौलवी लियाकत अली नगर के रोही के राम बहोरे, लालजी गुप्ता ने बताया कि पूरे वार्ड में करीब 900 घर हैं। इनमें से 50 फीसदी घरों में ही निजी सबमर्सिबल पंप है। अन्य लोग सरकारी हैंडपंपों के सहारे ही प्यास बुझाते हैं।
सरकारी हैंडपंप तो लगभग 50 लगे हैं, लेकिन इनमें से 20 खराब हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। कई लोग आसपास के दूसरे घरों में लगे सबमर्सिबल से पानी लेते हैं, तो किसी को दूर लगे हैंडपंपों से बाल्टियों में पानी ढोना पड़ता है।
रोशन लाल गौतम और राम किशुन का कहना है कि दोनों गांवों को नगर पालिका परिषद में शामिल हुए पांच वर्ष बीत गए हैं। पेयजल के नाम पर अब तक सिर्फ चार हैंडपंपों का ही रीबोर हुआ है, जबकि जरूरत नए हैंडपंपों व पाइप लाइन की पेयजल परियोजना की स्थापना की है। आरोप है कि जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे, सिर्फ खाका खींचने में ही जुटे हैं।
ज्यादातर लोग अगल-बगल में लगे दूसरों के निजी सबमर्सिबल पंप से पानी भरते हैं। दिक्कत तब और बड़ी हो जाती है, जब कभी बिजली आपूर्ति में कोई समस्या आए। पड़ोसियों से भी मदद नहीं मिलती।
कफील अहमद, रोही
वार्ड में पेयजल की समस्या ग्राम पंचायत के दौर से ही है। लगा था कि नगर में शामिल होने के बाद इससे निजात मिल जाएगी ,लेकिन नगर प्रशासन ने कभी इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।
जैनुल अंसारी, रोही
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रोही में पेयजल परियोजना की स्थापना होनी है। इससे दोनों वार्डों में पानी की समस्या दूर हो जाएगी। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेकिन, अब तक मंजूरी नहीं मिली है। चुनाव बीतने के बाद जरूरत के हिसाब से नए हैंडपंपों की स्थापना व पुराने को रीबोर कराकर समस्या दूर कराई जाएगी।
राम सिंह
ईओ, नगर पालिका परिषद, भरवारी
कफिल अहमद।
कफिल अहमद।