पत्नी व ससुराल वालों के व्यवहार से आजिज आकर प्रयागराज में ससुराल वालों के सामने खुद की रिवॉल्वर से गोली मार कर जान देने वाले वायु सैनिक आशीष वर्मा का अंतिम संस्कार रविवार को कौशाम्बी के हनुमान घाट पर किया गया। इस अवसर पर साथियों ने सलामी दी। इससे पहले उसका पार्थिव शरीर पैतृक आवास कड़ा लाया गया, जहां से परिजन शव यात्रा लेकर हनुमान घाट पहुंचे। यहां पिता ने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी।
कड़ाधाम निवासी रामनरेश वर्मा काफी दिनों से कानपुर नगर के चकेरी कोतवाली स्थित स्वर्ण जयंती विहार, कोयला नगर में परिवार के साथ रहते हैं। उनका कहना है कि उनका इकलौता बेटा आशीष वायु सेना में था। उसकी तैनाती पश्चिम बंगाल में थी। वर्ष 2012 में उन्होंने आशीष की शादी प्रयागराज के कंधईपुर के दुर्गेश शर्मा की बेटी वैशाली से की थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही दंपती को एक बेटी हुई।
पिता रामनरेश ने बताया कि आशीष की पत्नी मायके में ही बेटी के साथ रहती थी। 21 अप्रैल को आशीष के बुआ की बेटी की शादी थी। वह अवकाश लेकर आया था। शादी में जाने के लिए पत्नी व बेटी को बुलाने के लिए ससुराल गया तो उसे भगा दिया गया। फिर 17 मई को आशीष घर से यह कहकर निकला कि वह ड्यूटी पर जा रहा है। प्रयागराज में पत्नी व बेटी से मिलते हुए जाएगा।
बताया, प्रयागराज जाने पर आशीष ससुराल के बाहर काफी देर तक खड़ा रहा, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इस पर उसने खुदकुशी कर लेने की धमकी भी दी, लेकिन ससुराल के लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
आहत होकर आशीष ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर कनपटी से सटाकर गोली मार ली थी। रविवार को आशीष का शव पैतृक गांव कड़ा लाया गया तो यहां परिवार व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। शव लेकर आए वायु सैनिकों ने उसे गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।
साले ने जान देने के लिए था उकसाया
प्रयागराज की धूमनगंज कोतवाली में पिता रामनरेश की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक ससुराल वालों के व्यवहार से आहत होकर आशीष ने खुदकुशी करने की बात कही तो उसके साले सोनू ने उकसाया कि कई बार ऐसा कह चुके हो। मोहल्ले के लोगों की भीड़ के सामने बेइज्जती से आहत होकर उसने जान दे दी।
पुलिस से कई बार की गई थी शिकायत
रामनरेश वर्मा का कहना है कि ससुराल पक्ष के लोग बेटे आशीष को पत्नी व बेटी से मिलने नहीं देते थे। उसे अपमानित किया जाता था। इसकी शिकायत पूर्व में कई बार पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।