मंझनपुर। कौशाम्बी के चार विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में आने वाले दिनों बिजली की समस्या खड़ी हो सकती है। लोड के हिसाब से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया, लेकिन कार्यदाई संस्था की तरफ से भेजे गए ट्रांसफार्मर टेस्टिंग में फेल हो गए। विभाग भी मान रहा है कि खेती के समय बिजली की खपत बढ़ने पर लोगों को बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
पश्चिमशरीरा, अंदावा व अर्का फतेहपुर उपकेंद्र में लगे पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 10 एमवीए किया जाना था। इसके अलावा कोखराज में एक पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाना था। सौभाग्य योजना से जिले में विद्युतीकरण करा रही संस्था एल एंड टी को ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का टेंडर दिया गया। कार्यदाई संस्था ने मार्च में ट्रांसफार्मर मंगवाया, लेकिन वे टेस्टिंग में फेल हो गए। इस वजह से उन ट्रांसफार्मरों को नहीं लगाया जा सका। यह टेंडर लाखों रुपये का था। 31 मार्च क्लोजिंग होने के कारण दोबारा से ट्रांसफार्मर नहीं मंगाए गए। वहीं सौभाग्य योजना और पंडित दीन दयाल योजना से लोगों को खूब कनेक्शन भी बांटे गए। इससे इन उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली का संकट खड़ा हो गया। बिजली विभाग के एक्सईएन अंकित कुमार का कहना है कि उपकेंद्र के अंतिम छोर पर बसे गांवों में खेती के समय में बिजली संकट पैदा हो सकता है। इनका कहना है कि जुलाई से किसानों को बिजली चाहिए। ऐसे में पोल के अंतिम वाले गांवों में बिजली की दिक्कत होगी। कोखराज में ट्रांसफार्मर लगवा दिया गया है। पश्चिमशरीरा में ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का काम अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना से कराया जाएगा।
वहीं अधिशासी अभियंता अंकित कुमार का कहना है किक्रिटिकल कंडीशन उपकेंद्र के अंतिम छोर वाले गांवों में होगी। तीन स्तर पर विभाग ट्रांसफार्मर लगवाता है। ट्रांसफार्मर टेस्टिंग में फेल हो गए थे। अब दीन दयाल योजना से काम कराने वाली कार्यदाई संस्था से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़वाई जाएगी।