10 वर्ष बाद नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा
- विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने सुनाई सजा, लगाया 24 हजार का अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अरविंद कुमार ने दस वर्ष पहले नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 24 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालती फैसले के बाद कोर्ट मोहर्रिर ने दोषी को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।
शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक घटना कोतवाली कोतवाली इलाके के एक गांव में हुई थी। वादी मुकदमा ने बताया था कि 24 अप्रैल 2013 को उसकी नाबालिग पुत्री घर में अकेले कपड़ा धो रही थी। इस बीच परसरा गांव का पवन पांडेय घर में घुस गया। पवन ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पवन ने बेटी की पिटाई की। किसी तरह चंगुल से छूटी किशोरी ने शोर मचाया तो युवक धमकाते हुए भाग निकला। शाम को घर पहुंचे पिता को किशोरी ने आपबीती बताई तो वह दंग गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया और जेल भेजा। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से कुल सात गवाह परीक्षित कराए गए। अदालत ने बचाव पक्ष को भी सुनने के बाद दोषी पवन को सजा सुनाई है।