मंझनपुर। जिला कचहरी में नकल निकालने के लिए लगने वाली फीस को 10 रुपये से बढ़ाकर सौ रुपये कर दी गई है। इसी तरह प्रश्नोत्तर लेने का शुल्क भी पांच से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। कोरोना काल के बाद अचानक फीस बढ़ाए जाने से अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। अधिवक्ता बढ़ी हुई फीस वापस लेने के लिए पखवाड़े भर से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
सोमवार को मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनुदेव त्रिपाठी व महामंत्री तुषार तिवारी की अगुवाई में कोर्ट फीस बढ़ाए जाने के विरोध में 13वें दिन भी अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार जारी रहा। न्यायिक कार्य से विरत अधिवक्ता सोमवार को नारेबाजी करते हुए चौराहे पर पहुंचे और समदा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। चौराहे पर हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिटी डा.ॅ केजी सिंह, इंस्पेक्टर मनीष कुमार पांडेय व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया। अधिवक्ता न्यायिक अधिकारी से वार्ता करने की जिद पर अड़े रहे। न्यायिक अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल से बातचीत का प्रस्ताव भेजा तो अधिवक्ता नाराज हो गए। इसके बाद अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए कचहरी परिसर पहुंचे और समस्या के समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने एलान किया।
महामंत्री तुषार तिवारी ने कहा कि किसी भी जिले में एक साथ दस गुना फीस नहीं बढ़ाई गई। फीस बढ़ाने से वादकारियों को ज्यादा पैसा देना पड़ेगा। बढ़ी हुई फीस की वापसी नहीं होने तक विरोध जारी रहेगा। इस दौरान अरविंद प्रताप सिंह, शिवा नारायण त्रिपाठी, अरविंद शुक्ला, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, वेद प्रकाश मिश्रा, पिंटू पांडेय, सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।