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Kaushambi News: नसीहत... खुद न बने डॉक्टर, बिगड़ जाएगी सेहत

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मौसम में बदलाव से बुखार, जुकाम, खांसी के मरीजों में इजाफा हुआ है। चिकित्सकीय सलाह के बिना खुद दवाएं खरीदकर खाने से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है और मर्ज ठीक होने में ज्यादा समय लग रहा है। कहा कि खुद डॉक्टर न बने, नहीं तो सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में मौजूद वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एके सिंह ने बताया कि इलाज कराने आ रहे 200 से 250 मरीजों में 50 से अधिक को बुखार, सिर, हाथ-पैर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, सुस्ती की शिकायत है। अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में भारीपन हो रहा है। इसमें से कई ऐसे मरीज हैं, जिन्होंने मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवा खरीद कर खाई है। इस वजह से उन्हें ठीक होने में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। सेहत से जुड़ी दिक्कत हो तो चिकित्सक को दिखाएं।
बच्चों की दिक्कत बढ़ी
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि बच्चे वायरल निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। तेज बुखार आ रहा है। बच्चों को उल्टी-दस्त हो रहा है। अभिभावक डॉक्टरों की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न दें। यहां की ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीजों में 30 से 35 इसी बीमारी के आ रहे हैं।
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बोले मरीज



पिछले 10 दिन से बुखार आ रहा है। बहुत दवा की, आराम नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने एक सप्ताह की दवाएं लिखी हैं।

आशिफ, सिरीयावां



एक महीने पहले खांसी-जुकाम हुआ था, नजदीकी मेडिकल स्टोर से दवा ली थी। जुकाम में तो आराम मिल गया, लेकिन बुखार अब भी आ रहा है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर को दिखाया तो पांच दिन की दवा लिखे हैं। -रामकली, राजापुर-चित्रकूट
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इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों को अभी कोल्डड्रिंक और आइसक्रीम से दूर रखें।
बच्चों को बुखार-खांसी है तो उन्हें स्कूल भेजने से बचें।
बुखार आने पर पैरासिटामॉल लें, आराम न मिलने पर डॉक्टर को दिखाएं।
वयस्क मरीज गर्म पानी की भाप लें, नमक डालकर गरारा कर सकते हैं।
घर में रखी दवाएं और सिरप बिना डॉक्टर की सलाह के प्रयोग न करें।
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