कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर मार्च के शुरुआती दिनों में हुए हादसों ने इलाके के लोगों को सतर्क कर दिया था। केवल आठ दिनों के भीतर अलग-अलग दुर्घटनाओं में करीब आधा दर्जन लोगों की जान जा चुकी थी और कई घायल हुए।
शुक्रवार को दोरमा गांव के पास हुए हादसे ने इस सिलसिले को और भयानक कर दिया, जिसमें आठ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो महिलाओं की प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान सांसें थम गई।
अभी इस दर्दनाक घटना की गूंज लोगों के कानों से निकली नहीं थी कि शनिवार सुबह कनवार गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष थाना अंतर्गत बडहा हथगांव निवासी अभय 19 वर्ष पिता नरेश कुमार को सड़क पार करते समय जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें बेटे अभय की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।
हाईवे किनारे लगे स्ट्रीट लाइट बने शोपीस
सैनी निवासी कारोबारी जितेंद्र अग्रहरि और अजुहा निवासी आकाश मौर्या बताते हैं कि हाईवे पर ट्रक और अन्य भारी वाहन अक्सर आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने पर मजबूर होते हैं और हादसे हो जाते हैं। इसके साथ ही हाईवे के अधिकांश स्थानों पर स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं और हाईवे किनारे लगी हाईमास्ट लाइट केवल मुख्य बाजारों तक ही रोशनी देती हैं।
केस 1 :
आठ मार्च की रात ककोढ़ा ओवरब्रिज के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में लक्ष्मण कुमार (30) पुत्र राम निवासी निहोरी और सनी (15) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों प्रयागराज की ओर जा रहे थे।
केस 2 :
सात मार्च की सुबह फतेहपुर निवासी अर्जुन सिंह (28) स्कूटी से प्रयागराज जा रहे थे। सैनी थाना क्षेत्र के अटसराय गांव के सामने अनियंत्रित कंटेनर ने स्कूटी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
केस 3 :
कासिया पश्चिम गांव के पास छह मार्च को देर रात हुए भीषण हादसे में अजुहा निवासी शिवांश त्रिपाठी की मौत हो गई। वह घर के इकलौते पुत्र थे। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है।
कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर बंद पड़े स्ट्रीट लाइट। संवाद