पिपरी इलाके में मिट्टी की ढुलाई करने गए कोटिया गांव के ट्रैक्टर चालक की बुधवार की भोर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ढिढूरा गांव के समीप सड़क किनारे पलटे मिले ट्रैक्टर के नीचे उसकी लाश दबी थी। फौरी तौर पर पुलिस ट्रैक्टर पलटने से यह हादसा होना मान रही है जबकि मौत को संदिग्ध मानकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने जांच, कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए करीब घंटेभर तक शव नहीं उठने दिया। जनप्रतिनिधियों के साथ ही एसडीएम ने भी मुआवजा दिलाने की घोषणा करके लोगों को शांत कराया।
सरायअकिल के कोटिया गांव निवासी सूबेदार (40) पुत्र बुधईराम वाहन चालक था। वह तिलगोड़ी गांव के एक व्यक्ति का ट्रैक्टर चलाता था। मंगलवार को वह पिपरी क्षेत्र के अमवा गांव के एक व्यक्ति के यहां निर्माणाधीन व्यावसायिक प्रतिष्ठान में मिट्टी की ढुलाई करने के लिए ट्रैक्टर लेकर गया था। बुधवार की भोर पिपरी के ढिढूरा गांव के समीप सड़क किनारे लोगों ने ट्रैक्टर पलटा देखा। उसके नीचे सूबेदार की लाश भी दबी थी। यह देख गांववाले सन्न रह गए। ग्रामीणों की सूचना पर पिपरी और सरायअकिल थानों की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबी चालक की लाश बाहर निकलवाई।
पहचान होने के बाद घरवालों को हादसे की सूचना दी गई। मौत की खबर लगते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। संदिग्धदशा में हुई मौत पर गांववालों का गुस्सा भी फूट पड़ा। घटना की जांच, कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए लोग शव नहीं उठने दे रहे थे। इसकी सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद और जमीन का पट्टा दिलाने, विधायक चायल और विधायक सोरांव के प्रतिनिधि ने 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा करके लोगों को शांत कराया। बता दें कि ट्रैक्टर चालक सूबेदार की मौत से उसकी पत्नी और छह छोटे-छोटे बच्चे बेसहारा हो गए हैं।