चूल्हे की चिंगारी से सोमवार की रात टडहर (हिसामपुर परसखी) गांव के एक व्यक्ति के घर में आग लग गई। इससे 10 हजार रुपये के साथ ही खाद्यान्न, बर्तन, बिस्तर समेत लाखों रुपये की गृहस्थी का सामान खाक हो गया। चीख-पुकार पर दौड़े ग्रामीणों ने घंटों जूझने के बाद आग पर काबू पाया। माना जा रहा है कि खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाने से यह हादसा हुआ है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के टडहर (हिसामपुर परसखी) गांव निवासी पताली पुत्र छोटेलाल किसान है। उसकी पत्नी की 4 साल पहले मौत हो चुकी है। घर में वह बूढ़ी मां दो बेटों और नेत्रहीन भाई के साथ रहता है। बताया जाता है कि रात बूढ़ी मां ने चूल्हे में खाना बनाया था। पूरा परिवार खाकर सोने की तैयारी में था। इसी दौरान अचानक उसके घर में आग लग गई। घर से उठते धुएं का गुबार देख घरवालों को जब तक आग लगने का अंदेशा होता। देखते-देखते पूरा घर लपटों से घिर गया। लपटें उठती देख घर के लोग चीखने-चिल्लाने लगे। चीख-पुकार और लपटें देख गांववाले टूट पड़े। सैकड़ों ग्रामीण आग बुझाने में जुटे।
घंटों जूझने के बाद गांववालों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक ग्रामीण आग बुझाते। मकान के साथ ही घर में रखा 13 बोरी धान, 12 बोरी गेंहू, कपड़ा, बिस्तर, बर्तन के साथ ही गृहस्थी का सारा सामान और 10 हजार रुपये भी स्वाहा हो चुके थे। घर में आग कैसे लगी? इसका सही पता तो किसी को भी नहीं है। पर, परिजनों के साथ ही गांववालों का भी मानना है कि रात चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाने से यह घटना हुई है। मंगलवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर हल्का लेखपाल भी मौके पर आया था। जांच करके लेखपाल ने रिपोर्ट तहसील को भेज दी है।