मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय। संवाद
डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में आभा आईडी बनाने का अभियान तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। जिले की कुल 14,69,625 आबादी में से अब तक 1,112,434 लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इसे बड़ी सफलता मान रहा है।
करीब तीन साल पहले शासन की ओर से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की ओर से आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) की शुरुआत की गई थी। इस पहल का उद्देश्य मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना है, ताकि इलाज के दौरान उन्हें पुरानी पर्चियां या जांच रिपोर्ट साथ लेकर न चलना पड़े।
किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में चिकित्सक मरीज के बीते दिन हुए इलाज और जांच रिपोर्ट को ऑनलाइन देख सकेंगे, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी। सीएमओ का कहना है कि डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आभा आईडी भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला साबित होगी और मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मददगार बनेगी।
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ब्लॉकवार बनाई गई आभा आईडी
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ब्लॉक लक्ष्य पूरा हुआ लक्ष्य
मुख्यालय 19314 8110
चायल 102030 79870
नेवादा 187379 151728
मूरतगंज 184145 144046
मंझनपुर 182989 136303
सरसवां 160922 119986
कड़ा 194095 148370
कनैली 169199 126285
सिराथू 269552 197736
कुल 14,69,625 1,112,434
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:: जिले में आभा आईडी बनाने का अभियान तेज गति से चल रहा है। अब तक 75 फीसदी लक्ष्य पूरा हो चुका है। बचे लोगों की भी आईडी बनाने के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। फरवरी माह के अंत तक 100 फीसदी लक्ष्य हासिल करने का प्रयास है। - डॉ. संजय कुमार, सीएमओ