जिले भर के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में जल्द ही चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी ग्राम प्रधानों से कार्ययोजना तलब की गई है। शौचालयों का निर्माण राज्य व चौदहवें वित्त की रकम से कराया जाएगा। डीपीआरओ के निर्देश पर सेक्रेट्री कार्ययोजना तैयार करा रहे हैं।
जिले की सभी ग्रामसभाओं को 31 दिसंबर तक पूर्ण रूप से ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) किया जाना है। इसके लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा के नेतृत्व वाली अफसरों की टीम शौचालय निर्माण के साथ-साथ लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए प्रेरित कर रही है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चे खुले में शौचकर ओडीएफ अभियान को पलीता लगा रहे हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बने शौचालय बच्चों के हिसाब से सुविधाजनक नहीं हैं। स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे भी शौचालय का प्रयोग करें इसके लिए डीएम ने चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय का निर्माण कराने की पहल शुरू की। डीएम के निर्देश के बाद डीपीआरओ ने सबसे पहले चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों के निर्माण का प्रशिक्षण ब्लॉकवार राजमिस्त्रियों को दिलाया।
इसके बाद जिले के 1412 स्कूलों व 652 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों का निर्माण कराए जाने के लिए ग्राम प्रधानों से कार्ययोजना तलब की है। कार्ययोजना आने के बाद डीएम की मुहर लगते ही स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। बहरहाल स्कूलों में बच्चों की सुविधा के मुताबिक शौचालयों का निर्माण होने के बाद खुले में शौच से मुक्ति तय है।