कोखराज के तरसौरा गांव में बृहस्पतिवार को भैंस को पानी पिलाने गई एक किशोरी की तालाब नुमा गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
कल्याणपुर क्षेत्र के तरसौरा गांव निवासी सुरेश खेती-किसानी और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बृहस्पतिवार को वह अपनी पत्नी शम्मी देवी के साथ खेत में काम करने गए थे। उनके साथ 15 वर्षीय पुत्री रुचि और पांच वर्षीय बेटा कार्तिक भी खेत में मौजूद थे। करीब 11:30 बजे के आसपास सुरेश ने दोनों बच्चों से घर जाकर खाना खाने और भैंस को पानी पिलाने के लिए कहा।
दोनों बच्चे घर पहुंचे तो दादी सावित्री देवी ने पहले खाना खाने को कहा, लेकिन रुचि ने कहा कि पहले भैंस को पानी पिला देती हूं। इसके बाद वह छोटे भाई कार्तिक के साथ भैंस लेकर गांव के किनारे गंगा के बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे के पास चली गई।
भैंस को पानी पिलाते समय अचानक रुचि का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरी। पानी अधिक गहरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सकी और डूब गई। यह देख पास में खड़ा छोटा भाई कार्तिक घबरा गया और दौड़कर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
करीब आधे घंटे की तलाश के बाद ग्रामीणों ने किशोरी को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर खेत में काम कर रहे माता-पिता भी मौके पर पहुंच गए। रुचि अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उससे छोटे बाद शनि (13), लकी (12), सुहानी (10), खुशी (7) और सबसे छोटा भाई कार्तिक (5) है।
रुचि की फाइल फोटो- फोटो : दिन के साथ रातें भी होने लगीं गर्म