उम्रकैद की सजा काट रहे पश्चिमशरीरा के पूरबशरीरा निवासी एक बुजुर्ग बंदी की शुक्रवार रात नैनी सेंट्रल जेल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार पूरबशरीरा निवासी (65) वर्षीय निर्मल सोनकर पुत्र हीरालाल वर्ष 2018 में बहू की जलकर मौत के मामले में दोषसिद्ध हुए थे। सत्र न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। प्रारंभ में वह जिला कारागार कौशाम्बी में थे, जहां से करीब छह माह पहले उनका स्थानांतरण नैनी सेंट्रल जेल कर दिया गया था।
परिजनों के मुताबिक उच्च न्यायालय में दायर जमानत याचिकाएं खारिज होने से वह मानसिक रूप से व्यथित चल रहे थे। बेटे ज्ञान सोनकर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उन्होंने भोजन करना बंद कर दिया था। तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उन्हें उपचार के लिए प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। प्रयागराज पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।