अगियौना मेले में खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
अगियौना गांव स्थित मां शीतला मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जो शाम तक जारी रहा। मंदिर परिसर मां शीतला के जयकारों और घंटे-घड़ियाल की गूंज से भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल, फूल-माला, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली की कामना की।
करीब 165 वर्ष पहले चेचक और महामारी से बचाव की मान्यता के साथ स्थापित मां शीतला मंदिर में हर वर्ष आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी, नवमी और दशमी पर भव्य मेले का आयोजन होता है। इस वर्ष आठ जुलाई से शुरू हुए मेले के अंतिम दिन कौशाम्बी के अलावा फतेहपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
दर्शन के बाद महिलाओं ने घरेलू और सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी की, जबकि बच्चों ने खिलौने और झूलों का आनंद लिया। मेला प्रबंधक राधेश्याम अग्रहरी ने सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस और प्रशासन का आभार जताया।
अगियौना मेले में खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
अगियौना मेले में खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद