फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: ओसा मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार... पानी से लेकर रोशनी तक का संकट

Tue, 27 Oct 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद
विज्ञापन
जिले की सबसे बड़ी ओसा मंडी में धान की खरीद का सीजन शुरू होने के साथ ही अव्यवस्थाएं सामने आने लगी हैं। मंडी परिसर में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हाईमास्ट लाइट खराब पड़ी है, करीब एक साल पहले उतरवाई गई स्ट्रीट लाइट अब तक नहीं लगाई गई है। पीछे की दीवार टूटी होने से धान की बोरियां चोरी होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। परिसर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे किसानों, व्यापारियों, मजदूरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


धान की खरीद के सीजन में मंडी में सुबह से शाम तक किसानों और व्यापारियों की आवाजाही बनी हुई है। बड़ी संख्या में धान लदे वाहन परिसर में पहुंच रहे हैं, लेकिन खराब सड़कों के कारण वाहनों को आने-जाने और उपज उतारने में दिक्कत होती है। पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से मजदूरों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। वहीं, लाइटें खराब होने और परिसर में अंधेरा रहने से व्यापारियों को धान की असुरक्षा की आशंका रहती है। मंडी में काम करने वाले लोगों का कहना है कि इन समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए, ताकि धान खरीद के सीजन में उन्हें राहत मिल सके।
वर्जन-

मंडी में इस समय धान की खरीद जोरों पर चल रही है। किसानों से खरीदा गया हजारों क्विंटल धान जमा है। पीछे की दीवार टूटी होने से अराजक तत्व आए दिन बोरियों से धान निकालकर ले जाते हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई है। हर बात सिर्फ आश्वासन मिला है और दीवार की मरम्मत नहीं कराई जाती है।
विज्ञापन

सुनील अग्रहरि, आढ़ती
-
करीब एक साल पहले मंडी परिसर के चारों तरफ लगे पोल से स्ट्रीट लाइटें ठीक कराकर लगवाने की बात कहकर ठेकेदार उन्हें उतरवा ले गया था। इसके बाद से लाइटें नहीं लगाई गईं। हाईमास्ट लाइटें भी खराब हैं। अंधेरा होने के कारण मंडी में काम करने वाले लोगों को परेशानी होती है और चोरी का खतरा भी बना रहता है।
केशव प्रसाद, मुंशी

मंडी में मजदूरी करने आता हूं लेकिन प्यास लगने पर पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। एक जगह नल लगा है, जो काफी दूर पड़ता है। ऐसे में 20 लीटर का पानी का जार खरीदकर पीना पड़ता है। धान की खरीद बढ़ने से काम भी ज्यादा है लेकिन पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। हर दिन यहां पर हजारों की संख्या में लोग आते हैं।
बरमदीन, मजदूर

धान लेकर मंडी आया हूं। इन दिनों लगातार वाहन मंडी में पहुंच रहे हैं। गेट के पास रास्ता खराब होने के साथ परिसर की सड़कें भी गड्ढों में तब्दील हैं। धान उतारने के लिए वाहन अंदर ले जाने में हर दिन परेशानी होती है। कई बार गढ्ढे की वजह से गाड़ी में तेज झटका लगता है। इसकी वजह से नुकसान का डर बना रहता है।
मुकेश कुमार, वाहन चालक
-
वर्जन
मंडी के पीछे की टूटी दीवार को पहले बंद कराया गया था लेकिन अराजक तत्वों ने उसे दोबारा तोड़ दिया। दीवार की मरम्मत कराने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दे दिए गए हैं। पेयजल, प्रकाश और सड़क से जुड़ी समस्याओं को दूर कराकर जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
संजय गुप्ता, मंडी सचिव

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

मंडी के मुख्य गेट के पास जर्जर सड़क से जाता गाड़ी में लदा धान। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें