मंझनपुर। हादसे में मारी गई कार्यकत्री के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा और अन्य मागों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मंझनपुर में हुंकार भरी। विकास भवन के सरस हाल में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने विभागीय अफसरों पर समस्याओं के निस्तारण में अनदेखी का आरोप लगाया। जिला कार्यक्रम अधिकारी को सात सूत्री ज्ञापन दिया। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विकास भवन के सामने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। इसमें आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष राधारानी ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान में तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाते हैं। जांच के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जाता है। केंद्र से अनुपस्थित मिलने पर बगैर कारण जाने कार्रवाई कर दी जाती है। वहीं मानदेय भुगतान में भी मनमानी की जाती है। सिटीस्लेम के क ार्यकर्ताओं को तो दो साल से एरियर मानदेय नहीं दिया गया। कहा कि अब इस मनमानी के खिलाफ कार्यकर्ता जाग गए हैं। किसी भी अधिकारी की कोई ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को 7 सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें बिजली करंट की चपेट में आने से मौत का शिकार हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अर्पणा के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा, सिटी स्लेम कार्यकर्ताओं को जून 2012 से मानदेय का एरियर, निरीक्षण में बर्खास्त की गई 28 कार्यकर्ताओं की बहाली, हाटकुक्ड योजना एनजीओ के बजाय केंद्र से संचालित किए जाने, आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, रंगाई, पुताई करवाने आदि की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने मांगों के पूरा नहीं किए जाने पर 21 अगस्त को कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है। इस मौके पर सरिता उपाध्याय, शर्मिला त्रिपाठी, भारती यादव, अनारकली गौतम, बच्ची देवी, शांति वर्मा, शाहीन रिजवी, सुमन देवी, ज्योति चौरसिया, संगीता पटेल, मिथिलेश कुशवाहा, आशा देवी, रन्नो यादव आदि मौजूद रहीं।