कल्यानपुर (कौशाम्बी)। बिजली नहीं मिलने से गंगा किनारे बसे शहजादपुर और आसपास के करीब 20 गांवों में 4 दिनों से पानी का संकट है। लो-वोल्टेज के कारण पानी की आपूर्ति बंद है। वहीं इन गांवों के कुएं और हैंडपंपों का पानी खारा है। इससे गांववालों को नलकूपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। आरोप है कि समस्या से अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं किया जा रहा है।
बता दें कि गंगा किनारे बसे शहजादपुर, मीरापुर, पल्टीपुर, शीतलपुर, मियां का पुरा, ननमई, गनपा, गुलामीपुर, चंदेलन का पुरा, अंदावा, टड़हर, ब्रह्मरौली, झंड़ापुर आदि गांव के कुएं और हैंडपंपों का पानी खारा है। इसके कारण पहले लोग गंगा का पानी पीते थे। पानी की समस्या के समाधान के लिए 1976 में शहजादपुर ग्रामीण पेयजल समूह के तहत पल्टीपुर और शहजादपुर में पंपहाउस बनाया गया है। पाइप लाइन बिछाकर पानी की टंकी से गांव में पेयजल सप्लाई की जाने लगी। तब से गांववालों को पानी की समस्या से निजात मिल गई थी, लेकिन बिजली विभाग के की अनदेखी से फिर से यहां के लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गांववालों की मानें तो यह समस्या तब से खड़ी हुई, जब बिजली विभाग ने जलनिगम के ट्रांसफार्मर से घरेलू और नलकूप के कनेक्शन जोड़ दिए। लोड बढ़ने से पल्टीपुर टंकी का ट्रांसफार्मर फुंक गया। शिकायत के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने पर ग्रामीणों ने चंदा लगाकर ट्रांसफार्मर बदलवाया। मोटर का कनेक्शन ट्रांसफार्मर से नहीं करने दिया जा रहा हेै। इससे छह महीने से पल्टीपुर टंकी से पानी की सप्लाई बंद है। शहजादपुर की टंकी से पानी की आपूर्ति हो रही थी। बुधवार शाम से गांव में लो-वोल्टेज से शहजादपुर टंकी से भी जलापूर्ति बंद है। इससे ग्रामीणों को खेत में लगे नलकूपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। गांव के अनिल पटेल, राम विलास सोनकर, उधम सिंह, द्वारिका प्रसाद मोदनवाल, दिनेश पटेल, छग्गनलाल चौरसिया, गुलाब यादव आदि का कहना है कि अवर अभियंता को समस्या से अवगत कराया गया। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।