मंझनपुर। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को घटिया कपड़े की ड्रेस दी गई है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। डीएम ने ड्रेस की जांच का निर्देश उपजिलाधिकारी और बेसिक शिक्षाधिकारी को दिया है। डीएम का कहना है कि जांच के बाद कमीशन लेने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
दोआबा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक लाख 39 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों को शिक्षासत्र के दौरान दो-दो ड्रेस दी गई थी। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों का दावा है कि प्रति बच्चे ड्रेस के लिए 400-400 रुपये की दर से हेडमास्टरों को धनराशि अवमुक्त की गई। वहीं अभिभावकों की शिकायत है कि स्थानीय दुकानदारों से साठगांठ करके प्रधानाध्यापकों ने छात्र-छात्राओं को घटिया कपड़े से बनी यूनीफार्म वितरित कराई है। ग्रामीणों की मानें तो छात्र-छात्राओं को जो ड्रेस उपलब्ध कराई गई है, उसकी कीमत मुश्किल से 100 से 150 रुपये से ज्यादा नहीं है। ग्रामीणों मे जिलाधिकारी से भी इसकी शिकायत की है। शिकायत के मद्देनजर जिलाधिकारी सत्येन्द्र सिंह ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और बेसिक शिक्षाधिकारी को जांच का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि एसडीएम और बीएसए को टीम गठित करके सभी स्कूलों के ड्रेस की जांच कराने का आदेश दिया है। बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद ड्रेस में कमीशन खाने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं जांच का निर्देश जारी होते ही प्रधानाध्यापकों के होश उड़े हुए हैं।