कड़ा (कौशाम्बी)। कड़ा स्थित पेयजल टंकी का डोजर कई साल से खराब है। मशीन की खराबी के कारण करीब 10 साल से पानी को विसंक्रमित नहीं किया जा रहा है। पानी में ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन नहीं घोले जाने से लोगों के घर दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। मामले में प्रधान और जलनिगम के एक्सईएन दोनों एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इसका खामियाजा कड़ा और आसपास के गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कड़ा और शीतलाधाम में पानी की समस्या के समाधान के लिए करीब 30 साल पहले जल निगम ने पानी की टंकी बनवाई थी। कड़ा के प्रधान अरुण केसरवानी और पप्पू मोदनवाल, डॉ. मोहम्मद असलम, तिलकधर, दिनेश कुमार, लालजी मोदनवाल, अमित केसरवानी, पंकज केसरवानी, मोहम्मद इश्तियाक, महेंद्र यादव आदि का कहना है कि जब से टंकी का निर्माण हुआ है, कभी इसकी मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई है। वहीं करीब 10 साल से पानी में दवा मिलाने को लगा डोजर खराब है। इससे पानी में ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन का घोल नहीं मिलाया जा रहा है। इससे लोगों के घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। कड़ा के लोगों की मानें तो टोंटी से बाल्टी में पानी के साथ हरे-हरे कण के साथ छोटे-छोटे कीड़े भी गिरते हैं। दूषित पानी से लोग डायरिया, पेट की अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आते रहते हैं। प्रधान अरुण केसरवानी का कहना है कि उन्होंने कई बार एक्सईएन जलनिगम के शिकायत की। प्रधान का कहना है कि शनिवार को भी एक्सईएन से शिकायत की गई है।
उधर, अधिशासी अभियंता जेएन उपाध्याय का कहना है कि पेयजल में कीटनाशक दवाइयों का घोल कराने का काम प्रधान और स्वास्थ्य विभाग का है। जबकि प्रधान का कहना है कि पानी की टंकी जलनिगम की है। जलनिगम के कर्मचारियों पर ही पानी की टंकी की देखरेख और दवा डालने की जिम्मेदारी है।