पश्चिम शरीरा (कौशाम्बी)। अनंत विभूषित ज्योर्तिमठ काशी के पीठाधीश्वर जगतगुरु कृष्णानंद सरस्वती ने लोगों का मानस को आत्मसात करने का आह्वान किया। कौशाम्बी के पूरबशरीरा गांव में चल रहे मानस पाठ में कुछ देर के लिए शामिल होने आए पीठाधीश्वर ने कहाकि मानस सिर्फ एक धर्मग्रंथ नहीं है। इसकी एक-एक चौपाईयों ने जीवन का सार छिपा है। जिसे आत्मसात करने से ही सच्चा सुख हासिल किया जा सकता है।
कौशाम्बी के पूरब शरीरा गांव में 24 घंटे का अखंड मानस पाठ का आयोजन किया गया है। इस धर्म आयोजन में कुछ देर के लिए पधारे ज्योर्तिमठ काशी के पीठाधीश्वर कृष्णानंद सरस्वती ने लोगों को धर्मज्ञान दिया। उन्होंने कहाकि रामायण वह धर्मग्रंथ है। इसकी चौपाइयों को आत्मसात करके ही लोग खुद के लोक-परलोक को सुधार सकते हैं। उन्होंने लोगों से रोजाना मानस का पाठ करने, इसकी शिक्षाओं को जीवन में उतारने, धर्मानुसार आचरण करने की सीख दी। कहाकि इसी से लोग अपने जीवन को सुधार सकते हैं। इस मौके पर बेनी प्रसाद मिश्रा, मनोज शुक्ला, उदयन सिंह, हरनाम सिंह आदि मौजूद रहे।