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कुपोषित बच्चों के इलाज का खर्च प्रशासन उठाएगा

Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
Kaushambi
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मंझनपुर। कुपोषित बच्चों के उपचार का पूरा खर्च अब जिला प्रशासन उठाएगा। अब अस्पतालों में कुपोषित पंजिकाएं रखी जाएंगी। इसमें बच्चों विवरण दर्ज होगा। कार्यकत्रियां हर तीसरे दिन बच्चों का वजन करेंगी। वहीं सीडीपीओ को कुपोषित बच्चों के इलाज और पुष्टाहार मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जाता है कि जिला प्रशासन ने कुपोषण से अब होने वाली मौतों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने कुपोषित बच्चों के इलाज की योजना बनाई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक कुपोषित बच्चों की सूची पहली सितंबर तक प्रभारी चिकित्साधिकारी को मुहैया कराई जाएगी। पांच सितंबर को अभियान चलाकर अतिकुपोषित बच्चों को चिन्ह्ति किया जाएगा। सीडीपीओ स्वास्थ्य जांच के लिए 15 सितंबर को बच्चों को स्वयं अस्पताल ले जाएंगी। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां छूटे हुए बच्चों की जांच 30 सितंबर को कराएंगी। दस अक्टूबर को अतिगंभीर बच्चों को डॉक्टरों को दिखाया जाएगा। अस्पतालों में कुपोषण पंजिका रखी जाएगी। इसमें इलाज के लिए आने वाले बच्चों का विवरण दर्ज होगा। डीपीओ ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर मानक के मुताबिक गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पुष्टाहार एवं हॉटकुक्ड दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ सरोज कुमार ने बृहस्पतिवार को जिला स्वास्थ्य सलाहाकार समिति की बैठक में चर्चा के बाद बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। उन्होंने सीएमओ को कुपोषित बच्चों को हरसंभव इलाज दिलाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने सहायक परियोजना अधिकारियों को अस्पतालों में रजिस्टर्ड होने वाले कुपोषित बच्चों की विषय में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को सूचना देने की हिदायत दी है। वहीं डीपीओ मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी को सूचना प्रेषित करेंगे।
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