मंझनपुर। अपर जनपद सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बुधवार को दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई की। अदालत ने आरोपी फूफा को दस साल की सजा सुनाने के साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार पइंसा इलाके की एक युवती का पिता मारपीट के मामले में जेल में बंद था। इस दौरान युवती घर पर अकेली थी। जेल में बंद पिता ने सैनी कोतवाली क्षेत्र के थोन निवासी अपने जीजा यानी युवती के फूफा मज्जा उर्फ महराजदीन से उसकी परवरिश का अनुरोध किया। इस पर युवती का फूफा उसे अपने घर ले गया। आरोप है कि 11 मई 2013 को मज्जा ने तमंचा सटाकर युवती से दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद गांव में ही उसकी शादी भी करा दी। इसके बाद भी वह ससुराल जाकर उसके साथ दुराचार करता रहा। विरोध करने पर पति समेत जान से मारने की धमकी दी। इस पर युवती ने 20 सितंबर 13 को थाने पर तहरीर दी। आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश अरविंद मिश्र की अदालत में हुई। सुबूत एवं गवाहों के बयान का परीक्षण करने के बाद बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।